असंगठित मजदूरों के लिए बनी संबल योजना में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में रीवा संभाग के 46,700 से अधिक हितग्राहियों को अपात्र घोषित कर नाम काटे गए हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
असंगठित मजदूरों को शासन की योजनाओं का लाभ और आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिये शुरू की गई संबल योजना में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच में संभाग के 46 हजार से अधिक हितग्राही अपात्र पाये गये हैं, जिनका नाम काट दिया गया है। वहीं अब भी 9 लाख 90 हजार से अधिक लोग इसका लाभ ले रहे हैं। सबसे अधिक नाम रीवा जिले से काटे गये हैं। चौंकाने वाले यह आंकड़े जिला डैशबोर्ड से अर्जित किये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2018 में संबल योजना को शुरू किया था। इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र में मजदूरी करने वाले लोगों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ दिया जा रहा है। लेकिन इसमें व्यापक पैमाने पर आपात्र लोगों के नाम जोडे गये। स्थानीय नेता व अफसरों ने दबाव डाल कर योजना में नाम जुड़वाया। लेकिन जब इसकी जांच शुरू हुई तो गड़बड़ी की परतें खुलने लगीं। नाम काटने का सिलसिला शुरू हुआ। लिहाजा अब तक संभाग के रीवा, सीधी, सतना और सिंगरौली जिले से 46 हजार 700 हितग्राहियों को अपात्र घोषित कर नाम काट दिया गया है। इसमें सत्यापन लंबित व ईकेवाईसी नहीं कराने वाले हितग्राही भी शामिल हैं। सूत्रों की माने तो अभी और भी नाम कटने हैं, जिनकी जांच की जा रही है। डैश बोर्ड से जो आंकड़े निकलकर सामने आए हैं उसके बाद इस स्थिति के लिए कसूरवार किसे बनाया जाए यह भी एक बड़ा सवाल बन गया है।
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मृत व्यक्तियों के भी नाम जुड़े
संबल योजना में भ्रष्टाचार इस हद तक किया गया है कि इसमें मृत व्यक्तियों के नाम भी जोड़ दिये गये थे। इसका खुलासा जांच में हुआ है। बताया जा रहा है कि सरपंच व जनप्रतिनिधियों ने अनैतिक लाभ लेने के लिये इस तरह की साजिश की थी। कईयों के नाम से तो शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी निकाल ली गई है। जिसकी रिकवरी करने निकालने की तैयारी की जा रही है।
योजना के तहत मिलते हैं यह लाभ
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फैक्ट फाइल
| जिला | पात्र | अपात्र |
| रीवा | 113270 | 17655 |
| सतना | 379406 | 2581 |
| सीधी | 273778 | 17147 |
| सिंगरौली | 224126 | 9317 |
| कुल | 990580 | 46700 |

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