कतर में नौसेना के पूर्व कमांडर पुर्णेंदु तिवारी को एक बार फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जिसके बाद उनके परिवार ने पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मदद की गुहार लगाई है। तिवारी 2022 में गिरफ्तार किए गए भारतीय नौसैना के आठ पूर्व अधिकारियों में शामिल थे, जिनमें से सात को माफी मिलने के बाद भारत लौटने की अनुमति मिली थी।
By: Arvind Mishra
Jan 03, 20262:01 PM
ग्वालियर। स्टार समाचार वेब
कतर में नौसेना के पूर्व कमांडर पुर्णेंदु तिवारी को एक बार फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जिसके बाद उनके परिवार ने पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मदद की गुहार लगाई है। तिवारी 2022 में गिरफ्तार किए गए भारतीय नौसैना के आठ पूर्व अधिकारियों में शामिल थे, जिनमें से सात को माफी मिलने के बाद भारत लौटने की अनुमति मिली थी। पुर्णेंदु तिवारी भारतीय नौसेना के उन आठ पूर्व अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें 16 अगस्त 2022 को कतर में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। दरअसल, मध्यप्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले पूर्णेंदु तिवारी आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों के साथ कतर के अमीर की तरफ से दिसंबर 2023 में माफी दिए जाने के बावजूद जेल में बंद हैं। फरवरी 2024 में सात अधिकारी भारत लौट आए थे, जबकि पूर्णेंदु को दोहा जेल से नहीं छोड़ा गया था।
रिहाई का किया गया था दावा
उस दौरान दावा किया गया था कि तिवारी जल्द ही अपने देश लौट आएंगे। लेकिन अभी तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है। बताया गया कि उनके नियोक्ता दहरा ग्लोबल टेक्नोलाजीज में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े यात्रा प्रतिबंध के कारण तिवारी को वहीं रोक लिया गया था। इससे उनकी सेहत और भारत के कूटनीतिक प्रयासों को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई हैं। अगस्त 2022 में पूर्व नौसैनिक अधिकारियों को कतर में एक निजी कंपनी में काम करने के दौरान जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
बहन ने वापसी की लगाई गुहार
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, पुर्णेंदु तिवारी एक अलग वित्तीय जांच का सामना कर रहे थे। रिटायर्ड नौसेना अधिकारी पुर्णेंदु तिवारी की बहन डॉक्टर मीतू भार्गव ग्वालियर में रहती हैं और उन्होंने भारत सरकार से अपने भाई की वापसी की गुहार लगाई है। उन्होंने वीडियो जारी करके सरकार से आग्रह किया है।
पीएम ने कतर में उठाया था मुद्दा
गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ भारत यात्रा के दौरान यह मामला उठाया था। उन्होंने कतर में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता की भी सराहना की थी। दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों का जिक्र किया था। तिवारी जेल में हैं और पिछले कुछ दिनों में वह अपने परिवार से केवल दो बार ही बात कर पाए हैं।