धारकुंडी आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज को भू-समाधि दी गई। यह केवल एक संत की विदाई नहीं, बल्कि करुणा, तप, संयम और मौन साधना से भरे युग का शांत अवसान है।
सतना के घने जंगलों में स्थित धारकुंडी आश्रम अपनी आध्यात्मिक शांति और महाभारत कालीन संबंधों के लिए प्रसिद्ध है। जानें स्वामी सच्चिदानंद जी और अघमर्षण कुंड का रहस्य।














