बदवार में बस और बल्कर की जोरदार टक्कर से पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 घायल हुए। तीन की हालत गंभीर है। बस की बॉडी चेंचिस से अलग होकर पानी भरे गड्ढे में जा गिरी।
रीवा संभाग में मातृ-शिशु मृत्यु रोकने कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने डीपीओ-सीडीपीओ की जवाबदेही तय की। घर पर प्रसव रोकने, एएनसी जांच बढ़ाने और गंभीर गर्भवती महिलाओं को समयपूर्व अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए।
सीधी में लगातार बारिश से कैमूर पहाड़ पर अमिलिया-हनुमना मार्ग चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ। सड़क धंसने से रास्ता संकरा हो गया। प्रशासन ने भारी वाहन रोके, वैकल्पिक मार्ग से यातायात डायवर्ट करने के निर्देश दिए।
सतना में दस घंटे की तेज बारिश से चार इंच से अधिक पानी बरसा। उमरी, भरहुत नगर, मास्टर प्लान सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।
चित्रकूट और रामपुर बघेलान में बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रशासन ने फूड शिविरों की जांच तेज की, आश्रम ने शरण दी, संस्था ने 500 पैकेट बांटे।
चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू किया। दस स्वास्थ्य टीमें और मलेरिया दल घर-घर सर्वे, जांच, दवा वितरण और फॉगिंग करेंगे।
सतना जिला अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन, नवजात देखभाल, हृदय जांच, सोनोग्राफी, एक्स-रे और फिजियोथेरेपी सहित विभिन्न विभागों के लिए 2.64 करोड़ रुपए के उपकरण मांगे हैं, सांसद से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
रीवा में 20 अगस्त की बाढ़ के पांच दिन बाद भी कई मोहल्ले जलमग्न हैं। लोग घरों में कैद हैं और नाव से आवाजाही कर रहे हैं। महापौर ने जलभराव के कारणों की जांच और स्थायी समाधान की रिपोर्ट मांगी।
रीवा में सामाजिक कार्यकर्ता से कथित अभद्रता और नशीली सिरप कार्रवाई पर व्यापारियों ने विरोध जताया। सैकड़ों व्यापारियों ने आईजी कार्यालय तक मार्च कर ज्ञापन सौंपा। आईजी ने दोनों मामलों की जांच के निर्देश दिए।
मऊगंज के अलहौवा गांव में ईद मिलाद्दुन्नबी की तैयारी कर रहे चार युवकों पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप है। एक युवक गंभीर रूप से झुलसा, पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और प्रधान आरक्षक निलंबित हुआ।






















