साधु-संतों और गुरुजनों द्वारा दीपावली पर किया जाने वाला लक्ष्मी पूजन, सामान्य गृहस्थों की पूजा से भिन्न और अधिक आध्यात्मिक, साधनात्मक एवं प्रतीकात्मक होता है। उनकी पूजा का प्राथमिक उद्देश्य धन-संपत्ति की बजाय ज्ञान, आत्मिक शुद्धि और परमार्थ (जगत कल्याण) की प्राप्ति होता है।
संसदीय समिति ने आयकर विधेयक 2025 में बड़े बदलाव सुझाए। नियत तिथि के बाद TDS रिफंड दावा और धार्मिक/परमार्थ न्यासों को गुमनाम दान पर टैक्स छूट की सिफारिश। जानें क्या हैं मुख्य सुझाव।














