मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उज्जैन के खाचरोद स्थित भगवान श्री राम मंदिर विवाद पर 72 साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मंदिर की संपत्ति के असली मालिक सिर्फ भगवान श्री राम हैं और इसका उपयोग केवल धार्मिक कार्यों के लिए होगा।
चर्चा यह भी है कि इस कानूनी दायरे में मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को भी आरोपी बनाया जा सकता है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला। तत्काल सुनवाई की मांग ठुकराई। जानिए कोर्ट ने क्या कहा और क्या है पूरा मामला।















