रीवा कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में राजस्व, भू-अर्जन मुआवजा, पेंशन और सीमांकन संबंधी 96 शिकायतें दर्ज हुईं। कई आवेदक वर्षों से मुआवजा और भूमि विवादों के समाधान के लिए भटक रहे हैं। मऊगंज जनसुनवाई में भी 30 आवेदनों की सुनवाई हुई। अधिकारियों को सात दिन में निराकरण का निर्देश।
रीवा में एक भावुक दृश्य सामने आया जब एक बेटा अपनी अपंग मां को गोद में उठाकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा। सरकारी कागज़ों में जीवित मां को मृत घोषित कर दिया गया था। बेटा अधिकारियों से गुहार लगाता रहा—"मेरी मां को फिर से ज़िंदा कर दो साहब।" प्रशासनिक लापरवाही की यह तस्वीर मानवता को झकझोरने वाली है।














