रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के बीच पोस्टमार्टम के आंकड़े डराने लगे हैं। साल खत्म होने से पहले ही 1063 पीएम हो चुके हैं। डॉक्टरों की कमी, प्राइवेट प्रैक्टिस, नाइट राउंड का अभाव और लगातार रेफरल ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है।
रीवा जिले के मऊगंज में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली सामने आई, जब एम्बुलेंस न मिलने पर परिजनों ने 75 वर्षीय मरीज को ठेले में लादकर अस्पताल पहुंचाया। घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है।














