गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। जानें किसानों, संवैधानिक मूल्यों, वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ और आदिवासी कल्याण पर उनके संबोधन की बड़ी बातें।"
प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगूर (बंगाल) में विकास कार्यों का लोकार्पण किया और घुसपैठियों के मुद्दे पर टीएमसी को घेरा। जानें रेलवे और कनेक्टिविटी से जुड़ी बड़ी घोषणाएं।
पीएम मोदी ने मालदा में देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने टीएमसी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
भारतीय रेलवे अब अमृत भारत एक्सप्रेस में वंदे भारत की तरह भोजन बुकिंग की सुविधा दे रहा है। जानें खाने की कीमत, ट्रायल रूट और 18 जनवरी से शुरू होने वाली 9 नई ट्रेनों की जानकारी।
खुशखबरी...कोलकाता से गुवाहाटी के लोगों को जल्द ही भारतीय रेलवे बड़ी सौगात देने जा रहा है। दरअसल, कोलकाता और गुवाहाटी के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर 17 जनवरी से ट्रैक पर आ जाएगा। उक्त ट्रेन का उद्घाटन स्वयं पीएम नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन में करेंगे।
वंदे मातरम की रचना में राष्ट्र के प्रति समर्पण का जो भाव है, उसका आने वाले भारत की रचना में योगदान, इन सभी चीजों से हमारी आने वाली पीढ़ियां भी युक्त हों। इसलिए मैं सभी का अभिनंदन करता हूं कि आज यह चर्चा सदन में हो रही है।
संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम के 150 साल पूरे पर चर्चा हो रही है। पीएम नरेंद्र मोदी ने चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा- वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर बहस गर्व की बात है। जिसने हमें त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था।
उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों में अब वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में एकता पदयात्रा के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म राष्ट्र से ऊपर नहीं है। वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन में भारत की चेतना जगाई।
प्रधानमंत्री ने काशी से मध्यप्रदेश सहित देश को चार नई वंदे भारत का बड़ा तोहफा दिया है। काशी से खजुराहो वंदे भारत के अलावा, फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत, लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत और एनार्कुलम-बेंगलुरू वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई गई है। इन 4 नई वंदे भारत ट्रेनों के साथ ही अब देश में 160 से ज्यादा नई वंदे भारत ट्रेनों का संचालन होने लगा है।
7 नवंबर 2025 को भारत के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ है। जानें बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की इस अमर रचना के प्रकाशन, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका, और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक के रूप में इसके महत्व के बारे में।






















