विजयादशमी पर सतना शहर रामभक्ति में डूब गया। व्यंकट मैदान और मैत्री पार्क में रावण दहन के साथ हजारों श्रद्धालु जय श्रीराम के नारे लगाते दिखे। भव्य शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और मां दुर्गा की झांकियों ने जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। दीप सज्जा और आतिशबाजी से शहर झिलमिलाता रहा, जहां आस्था, संस्कृति और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला।
शारदीय दुर्गा पूजा केवल आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि परंपरा और प्रतीकों की गहरी परतों से बुना हुआ सांस्कृतिक महाकाव्य है। निषिद्ध पल्लि की मिट्टी से मूर्ति गढ़ने की रीति से लेकर कोला बऊ की स्थापना और सामुदायिक पूजा की ऐतिहासिक जड़ों तक-यह पर्व हमें बताता है कि दिव्यता केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि समाज की हर परत और हर जीवंत संबंध में निवास करती है।
भव्य शोभायात्रा आज,नगर के प्रमुख मार्गो से निकलेगी















