सतना-मैहर जिले में गणवेश योजना की राशि छात्रों तक नहीं पहुंच सकी। 13,598 बच्चों के खाते फेल हो गए जबकि 2249 छात्रों को रोजगार सहायकों की लापरवाही से समग्र आईडी न होने पर वंचित रहना पड़ा। 8 करोड़ से अधिक की राशि तो जारी हुई, लेकिन कई छात्र अब भी इंतजार में हैं।
रीवा में एक भावुक दृश्य सामने आया जब एक बेटा अपनी अपंग मां को गोद में उठाकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा। सरकारी कागज़ों में जीवित मां को मृत घोषित कर दिया गया था। बेटा अधिकारियों से गुहार लगाता रहा—"मेरी मां को फिर से ज़िंदा कर दो साहब।" प्रशासनिक लापरवाही की यह तस्वीर मानवता को झकझोरने वाली है।














