सुप्रीम कोर्ट ने 12 वर्षों से कोमा में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे 31 वर्षीय हरीश राणा को 'गरिमापूर्ण मृत्यु' का अधिकार देते हुए निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की मंजूरी दे दी है।
गाजियाबाद के हरीश राणा पिछले 13 साल से अचेत अवस्था में हैं। उनके माता-पिता की पैसिव यूथेनेसिया (इच्छामृत्यु) की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला रिजर्व कर लिया है।














