बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थान पर नमाज अदा करना धार्मिक अधिकार नहीं माना जा सकता। खासकर ऐसे स्थान पर जहां सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे हों। अदालत ने मुंबई एयरपोर्ट के पास नमाज अदा करने की अनुमति देने से इंकार करते हुए कहा कि सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐसे फैसले को पलट दिया है। इस फैसले में सिर्फ व्हाट्सएप चैट्स के आधार पर पति को उसकी पत्नी से क्रूरता का हवाला देकर तलाक मिल गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि महज मैसेज दिखाकर तलाक नहीं दिया जा सकता, जब तक कि ठोस सबूत पेश न किए जाएं और दूसरी पार्टी को अपना पक्ष रखने का मौका न मिले।














