मध्यप्रदेश कांग्रेस में अंतर्कलह एक बार फिर सड़क पर आ गई है। कमलनाथ सरकार के गिरने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर सवाल खड़े करते हुए तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उज्जैन में दिए गए अहंकार संबंधी बयान का समर्थन किया है। साथ ही, उन्होंने धर्म को राजनीति से दूर रखने की अपील की है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस में आंतरिक कलह तेज! निधि चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह के बयानों और पार्टी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे चयनात्मक और भेदभावपूर्ण बताया है।
भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस का सत्याग्रह। दिग्विजय सिंह ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर विरोध जताया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य होने पर स्पष्टीकरण मांगा।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पहली बार अयोध्या के भव्य राम मंदिर पहुंचे। जानें उन्होंने धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और ईरान-इजराइल युद्ध पर क्या कहा, और भाजपा ने क्या पलटवार किया।

















