सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच ने सबरीमाला केस में धार्मिक भेदभाव पर सुनवाई की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि मंदिरों में सभी का प्रवेश धर्म को मजबूत करता है। जानें सुनवाई के प्रमुख बिंदु।
कोर्ट में जज के बदलते ही केस के फैसले भी बदल जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बेंच के जज बदलने के बाद फैसलों में बदलाव करना सही नहीं है। न्यायिक स्वतंत्रता की विकसित समझ हमें इस बात की गारंटी देती है कि न्यायाधीश द्वारा दिया गया निर्णय बदलते समय के साथ भी बरकरार रहेगा।














