अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाला 1 डॉलर का खास सिक्का जारी किया गया है, जो लॉन्च होने के महज 3 घंटे के भीतर ही बिक गया। 1926 के बाद यह पहला मौका है जब किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर छपी है।

अमेरिका ने अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाला 1 डॉलर का एक विशेष सिक्का जारी किया है। अमेरिकी मिंट ने बुधवार दोपहर 12 बजे इस सिक्के की ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री शुरू की थी, जिसे लेकर लोगों में भारी क्रेज देखने को मिला। स्थिति यह रही कि बिक्री शुरू होने के महज 3 घंटे के भीतर ही सभी सिक्के 'आउट ऑफ स्टॉक' हो गए। इस सिक्के की शुरुआती कीमत 2.44 डॉलर (लगभग 230 रुपए) रखी गई थी, जिसे 25 और 100 सिक्कों के पैक में बेचा गया।
यह सिक्का दिखने में बिल्कुल सोने (गोल्ड) जैसा चमकदार प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में इसमें सोने का इस्तेमाल नहीं किया गया है। अमेरिकी मिंट के अनुसार, इस विशेष सिक्के को कॉपर (तांबा), जिंक (जस्ता), मैंगनीज और निकल के मजबूत मिश्रण से तैयार किया गया है। सिक्के के एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर उकेरी गई है, जिस पर ‘IN GOD WE TRUST’ और ‘LIBERTY’ लिखा हुआ है। वहीं, सिक्के के दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति की मुहर के साथ देश की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘250’ अंकित किया गया है।
सिक्के की जबरदस्त मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिक्री शुरू होने के सिर्फ आधे घंटे के भीतर ही अमेरिकी मिंट की वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ गया, जिससे खरीदारों को वेटिंग एरिया में भेजना पड़ा और वहां करीब 1 घंटे का वेटिंग टाइम दिखाया जाने लगा। मांग को नियंत्रित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए गुरुवार दोपहर 2 बजे तक प्रति परिवार अधिकतम 2 खरीदारी की सीमा तय की गई थी। इसके अलावा, अमेरिकी मिंट ने यह भी जानकारी दी कि 4 जुलाई (अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस) को बनाए गए 2.5 लाख सिक्कों पर खास ‘4 जुलाई’ का निशान लगाकर उन्हें रैंडम तरीके से रोल और बैग में रखा गया है। वॉशिंगटन डीसी के मिंट कॉइन स्टोर में 2 सितंबर को इन सिक्कों को खरीदने के लिए विशेष मशीनें भी लगाई गई थीं।
अमेरिकी इतिहास में यह एक दुर्लभ घटना है। अमेरिकी मिंट के नियमों के अनुसार, किसी भी जीवित राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर छापना प्रतिबंधित है। इससे पहले आखिरी बार 1926 में किसी जीवित राष्ट्रपति (कैल्विन कूलिज) की तस्वीर अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा की 150वीं वर्षगांठ पर जारी आधे डॉलर के सिक्के पर आई थी। हालांकि, इस बार अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मध्यनजर कांग्रेस ने 'सर्कुलेटिंग कलेक्टिबल कॉइन रीडिजाइन एक्ट' पास किया था, जिसके तहत ट्रेजरी को विशेष सिक्के जारी करने की अनुमति मिली। कानून के मुताबिक सिक्के के पीछे जीवित व्यक्ति का पोर्ट्रेट नहीं हो सकता, और चूंकि ट्रम्प की तस्वीर सिक्के के आगे के हिस्से (अवरसा) पर है, इसलिए यह पूरी तरह कानूनी दायरे में है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
धार्मिक अल्पसंख्यकों संग बर्ताव को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की तीखी आलोचना की। भारत ने कहा-पाकिस्तान अपने देश के कमजोर समुदायों की रक्षा करने में नाकाम रहा है। उल्टा भारत को धार्मिक आजादी, अल्पसंख्यकों के साथ बर्ताव को लेकर ज्ञान देने की कोशिश कर रहा है।
तिब्बत में 7 तीव्रता का भूकंप आया है। भारतीय समयानुसार बीती देर रात भूकंप के झटके महसूस हुए। इसमें 16 लोगों की मौत हो गई और 54 लोग घायल हो गए। इसका केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर तिब्बत के नागकू क्षेत्र में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था।
सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट और अरामको तेल ठिकाने पर हुए हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए हैं। अमेरिका ने अपने राजनयिकों को वापस बुलाया है।
कतर की राजधानी दोहा में पाकिस्तान, तुर्किये, कतर और इंडोनेशिया ने बद्र समझौते पर हस्ताक्षर किए। जानें कैसे ये चार मुस्लिम देश मिलकर हथियारों का उत्पादन और सैन्य तकनीक साझा करेंगे।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को भारत-आधारित आपराधिक समूह बताए जाने पर भारत ने कड़ा एतराज जताया है। भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत बताया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी दौरे के बाद भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग और व्यापार समझौते को लेकर तेज हुई हलचल की पूरी जानकारी।
स्पेसएक्स और एलन मस्क पर यूक्रेन के स्टारलिंक इंटरनेट को जानबूझकर धीमा करने के आरोप लगे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की के इन आरोपों पर अमेरिका ने क्या सफाई दी है, जानें विस्तार से।
अमेरिका के 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों में ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ीं। महंगाई, ईरान युद्ध और घटती लोकप्रियता के बीच क्या डेमोक्रेट्स बना पाएंगे कांग्रेस में बहुमत?
रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के साथ त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का प्रस्ताव दिया है। शेन्ज़ेन में नवंबर में हो सकती है बैठक।
इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी के बाद बुल्गारिया में उतारा गया। एयरबस ए-320 रविवार रात तेल अवीव से वियना जा रहा था। खतरे की सूचना के बाद बुल्गारिया की वायुसेना ने विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए मिग-29 लड़ाकू विमान भेजा।