एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।

10 साल का इंतजार खत्म, लेकिन अभी है एक बड़ा पेंच
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है। शुरुआत में इसके तहत एक्सिस बैंक के वीजा और मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड्स को सपोर्ट दिया जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, एपल पे के जरिए यूजर्स अपने एलिजिबल क्रेडिट कार्ड्स को एपल वॉलेट एप में जोड़कर खरीदारी कर सकेंगे। भारत में शुरुआती फेज में यह सर्विस हजारों मर्चेंट्स पर अवेलेबल होगी। भारत में iPhone इस्तेमाल करने वालों के लिए आखिरकार इंतजार खत्म हो गया है। Apple ने अपनी पेमेंट सर्विस Apple Pay को भारत में लॉन्च कर दिया है। अब iPhone, iPad और Apple Watch इस्तेमाल करने वाले यूजर अपने एलिजिबल कार्ड को Apple Wallet में जोड़कर स्टोर, ऐप और वेबसाइट पर पेमेंट कर सकेंगे। Mac के लिए Apple Pay सपोर्ट बाद में आएगा। अमेरिका में 2014 से Apple Pay की सर्विस मिलती है, लेकिन भारत में अभी पेश किया गया है। Apple Pay की भारत में एंट्री ऐसे समय हुई है जब देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा हिस्सा UPI के पास है।
अब जेब से कार्ड निकालने की जरूरत नहीं
Apple Pay का सबसे आसान इस्तेमाल दुकान पर होगा। अगर आपके पास एलिजिबल कार्ड है और दुकान का मशीन NFC यानी कॉन्टैक्टलेस पेमेंट ऐक्सेप्ट करता है, तो कार्ड निकालने की जगह iPhone या Apple Watch को मशीन के पास ले जाना होगा। सैमसंग ये फीचर भारत में काफी सालों से दे रहा है। इसलिए ये कोई नई टेक्नोलॉजी नहीं है, सिर्फ ये है कि ऐपल ने इसे भारत में अभी लॉन्च किया है। iPhone पर साइड बटन को दो बार दबाकर Face ID या पासकोड से पहचान पूरी की जा सकती है। इसके बाद फोन को पेमेंट मशीन के पास ले जाते ही पेमेंट हो जाएगा। Apple के मुताबिक स्टोर पर पेमेंट करते समय हर बार कार्ड नंबर, पिन या ओटीपी डालने की जरूरत नहीं होगी। यानी Apple Pay का मकसद UPI की तरह QR कोड स्कैन कराना नहीं है। यह आपके कार्ड को डिजिटल रूप में फोन के अंदर रखने और उसे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट के लिए इस्तेमाल करने का तरीका है।
अभी सभी कार्ड नहीं चलेंगे
भारत में लॉन्च के समय Apple Pay की सबसे बड़ी सीमा यही है। शुरुआत में यह सभी बैंकों और सभी तरह के कार्ड के लिए उपलब्ध नहीं है। फिलहाल समर्थित Axis Bank Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड को ऐपल वॉलेट में जोड़ा जा सकता है। ऐपल ने कहा है कि आगे चलकर और बैंक और कार्ड इसमें जोड़े जाएंगे। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि शुरुआत में RuPay कार्ड और UPI पेमेंट का सपोर्ट नहीं है। यानी अगर आप रोजमर्रा के भुगतान के लिए UPI इस्तेमाल करते हैं, तो Apple Pay फिलहाल उसका विकल्प नहीं बनने वाला है। आने वाले समय में क्या QR कोड से पेमेंट वाला सिस्टम ऐपल लेकर आएगा ये फिलहाल एक सवाल है।
Apple Pay की असली चुनौती
भारत में Apple Pay की कहानी दूसरे देशों से थोड़ी अलग है। अमेरिका और कई दूसरे बाजारों में मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल काफी आम है, लेकिन भारत में UPI ने पेमेंट करने की आदत ही बदल दी है। यहां छोटे दुकानदार से लेकर बड़े स्टोर तक QR कोड लगा हुआ है। ग्राहक बैंक अकाउंट से सीधे पैसे भेज सकता है। इसके लिए क्रेडिट कार्ड की जरूरत भी नहीं पड़ती। Apple Pay का मॉडल अलग है। इसमें कार्ड को Apple Wallet में जोड़कर कार्ड बेस्ड पेमेंट किया जाता है। इसलिए इसका शुरुआती फोकस उन लोगों पर ज्यादा हो सकता है जो क्रेडिट कार्ड से भुगतान करते हैं और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का इस्तेमाल करना चाहते हैं। यानी भारत में Apple Pay और UPI के बीच सीधी टक्कर से ज्यादा दोनों के अलग-अलग इस्तेमाल की तस्वीर दिखाई देती है। UPI बैंक अकाउंट से तुरंत भुगतान के लिए है, जबकि Apple Pay फिलहाल कार्ड को फोन में डिजिटल रूप से इस्तेमाल करने का तरीका है।
ऑनलाइन शॉपिंग में भी आएगा काम
Apple Pay को ऐप और और वेबसाइट पर भी पेमेंट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में हर बार कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और दूसरी जानकारी भरने की जरूरत कम हो सकती है। ऐपल के मुताबिक यूजर ऐप और वेबसाइट पर भी Apple Pay के जरिए पेमेंट कर सकेंगे। भारत में इसके लिए Apple ने कई पेमेंट कंपनियों और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के साथ काम किया है। इनमें Cashfree, JusPay, Mswipe, Paytm, PayU, Pine Labs, Razorpay और Worldline शामिल हैं। Apple Pay को कई बड़े व्यापारियों के नेटवर्क पर भी अवेलेबल कराया गया है।

सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।
वैश्विक चिंताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 0.88 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार को बाजार में चौतरफा बिकवाली से निवेशकों के अरबों रुपए डूब गए। लेकिन आज बाजार ने थोड़ी सी राहत की सांस ली है। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और क्रूड आयल में मामूली नरमी की वजह से आज दलाल स्ट्रीट ने हरे निशान के साथ शुरुआत की है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह