भारतीय शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया स्थिर रहा और 2 पैसे बढ़कर 91.62 पर पहुंच गया। यह बढ़त अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट की घोषणा के बाद हुई, जिससे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा प्रवाह पर दबाव कम हुआ।
By: Arvind Mishra
Mar 06, 202610:51 AM
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया स्थिर रहा और 2 पैसे बढ़कर 91.62 पर पहुंच गया। यह बढ़त अमेरिका द्वारा भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट की घोषणा के बाद हुई, जिससे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा प्रवाह पर दबाव कम हुआ। दरअसल, हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी कि शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर आज दोनों बेंचमार्क इंडेक्स पर भी देखने को मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स ने 365 अंकों की गिरावट के साथ 79658 के लेवल पर कारोबार की शुरूआत की। वहीं, निफ्टी भी 109 अंक टूटकर 24656 के लेवल पर खुला। हालांकि, अब तक सेंसेक्स 404 अंक तक नीचे गिर चुका है। वहीं, निफ्टी अभी 102 अंकों की गिरावट के साथ 24663 पर है। शुरुआती कारोबार में टेक महिंद्रा, इंफोसिस, रिलायंस, ट्रेंट, सन फार्मा, एनटीपीसी, टीसीएस, बीईएल के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते नजर आ रहे हैं।
युद्ध की आग में धधक उठा वॉल स्ट्रीट
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के छठे दिन और क्रूड आयल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 784.67 अंक या 1.61 परसेंट की गिरावट के साथ 47954.74 के लेवल पर आ गया। इसी तरह से एसएंडपी 500 की क्लोजिंग 0.56 परसेंट की गिरावट के साथ 6830.71 पर हुई और नैस्डैक कंपोजिट 0.26 परसेंट टूटकर 22748.99 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में गिरावट
अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा। शुक्रवार सुबह एशियाई बाजार गिरावट के साथ खुले। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.87 परसेंट की गिरावट आई है। जापान का निक्केई 225 0.24 परसेंट तक लुढ़क गया। टॉपिक्स में भी 0.42 परसेंट की बड़ी गिरावट देखी गई। स्मॉल-कैप कोस्डैक हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स अपने पिछले क्लोजिंग 25321.34 के मुकाबले 25037 पर कारोबार करता नजर आया।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
जंग के इन हालातों में शेयर बाजार में भी अफरा-तफरी सा माहौल है। बीते गुरुवार को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 3752.52 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेच दिए, लेकिन गनीमत है कि घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने शेयर बाजार को सहारा दिया। एनएसई पर मौजूद प्रोविजनल डेटा के अनुसार, घरेलू निवेशकों ने 5153.37 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
अमेरिका के इस फैसले से भारत को राहत
ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बीच होने के बीच अमेरिका ने भारत के लिए 30 दिनों का एक टेम्पररी लाइसेंस जारी किया है। इसके जरिए भारतीय रिफाइनरियों को रूस से बिना किसी टैरिफ या पेनल्टी के क्रूड आॅयल खरीदने की इजाजत दी गई है। यह लाइसेंस 5 मार्च, 2026 से रूसी तेल से लोड हो चुके जहाजों के लिए है। भारत को यह तेल पुराने सस्ते रेट पर मिलेंगे। इन पर होर्मुज संकट के चलते बढ़ी हुई कीमतों का असर नहीं होगा।