जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। अरहामा इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच कई घंटों से मुठभेड़ होने की सूचना है। इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया है।
By: Arvind Mishra
Apr 01, 20269:48 AM
अरहामा इलाके में चार-पांच आतंकियों की मौजूदगी
श्रीनगर। स्टार समाचार वेब
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना के साथ मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। अरहामा इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच कई घंटों से मुठभेड़ होने की सूचना है। इलाके में आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाल लिया है। बीती देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि अरहामा क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में जंगल में आतंकियों का एक दल देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और सेना के एक संयुक्त कार्यदल ने आतंकियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया। जवानों का दस्ता जब जंगल में आगे बढ़ रहा था तो एक जगह छिपे आतंकियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया और दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ की सूचना मिलते ही निकटवर्ती शिविरों से भी सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और उन्होंने आतंकियों की घेराबंदी कर ली है। उन्होंने बताया कि चार से पांच आतंकियों को देखे जाने की सूचना मिली थी।
तलाशी अभियान पर क्या बोली सेना
सेना ने एक्स पर कहा, “तलाशी के दौरान, चौकस जवानों ने कुछ संदिग्ध गतिविधि देखी। चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और हमारे जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। सेना ने कहा कि सैनिकों ने नपे-तुले जवाब के साथ प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप एक आतंकवादी मारा गया। साथ ही कहा कि आतंकवाद-विरोधी अभियान अभी भी जारी है।
LOC के पास दिखे ड्रोन
इस बीच जम्मू में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक संदिग्ध ड्रोन देखा गया। नियंत्रण रेखा के अखनूर सेक्टर में ड्रोन देखे गए हैं। वहीं मंगलवार शाम करीब 9 बजे कलीथ गांव में एक ड्रोन देखा गया था। यह ड्रोन कुछ मिनटों तक भारतीय क्षेत्र में मंडराता रहा।
कश्मीर में हो रहा आतंक का सफाया
पहलगाम हमले के बाद सेना कश्मीर में आतंकियों के हाइड-आउट्स को लगातार तलाश कर रही है। पहलगाम के बाद से अब सेना ने कई ऑपरेशन चलाए हैं. आतंकवादियों की ‘शेल्फ लाइफ’ अब खत्म हो रही है. जो भी आतंकवादी अभी भी बचे हैं, वे अपने अस्तित्व को बचाने के लिए आखिरी लड़ाई लड़ रहे हैं।