मेरिलेबोन क्रिकेट क्लब ने क्रिकेट के नियमों में ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है। सबसे बड़ा बदलाव टेस्ट क्रिकेट को लेकर किया गया है। यह बदलाव एमसीसी की ओर घोषित नए नियमों का हिस्सा हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। दरअसल, मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने क्रिकेट के 73 नियम बदल दिए हैं।
By: Arvind Mishra
Feb 04, 202612:24 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
मेरिलेबोन क्रिकेट क्लब ने क्रिकेट के नियमों में ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है। सबसे बड़ा बदलाव टेस्ट क्रिकेट को लेकर किया गया है। यह बदलाव एमसीसी की ओर घोषित नए नियमों का हिस्सा हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। दरअसल, मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने क्रिकेट के 73 नियम बदल दिए हैं। इनमें टेस्ट मैच में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर पूरा ओवर खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। डेड बॉल, ओवरथ्रो, बाउंड्री पर लेने वाले कैच, विकेटकीपर की पोजीशन जैसे कई नियम भी बदल दिए गए हैं। लेमिनेटेड बैट को सशर्त मंजूरी दी गई है। ये सभी नए नियम एक अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। 2022 के बाद नियमों में यह सबसे बड़ा बदलाव है।
आखिरी ओवर का नियम बदला
एमसीसी ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि टेस्ट मैचों में दिन का आखिरी ओवर अब हर हाल में पूरा कराया जाएगा। ऐसा न होने से खेल का रोमांच कम हो जाता है। एमसीसी ने कहा-यह अनुचित माना गया कि अगर दिन के अंतिम ओवर में गेंदबाजी कर रही टीम विकेट लेती है, तो बल्लेबाजी टीम को नया बल्लेबाज भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। वहीं यह भी बयान में कहा-इससे समय की बचत भी नहीं होती, क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन पूरी करनी ही पड़ती हैं। साथ ही इससे खेल का रोमांच कम हो जाता है। नया बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों से बच जाता है। क्योंकि आमतौर पर उस समय गेंदबाजों के लिए हालात अनुकूल होते हैं। नए नियम के तहत अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अंतिम पूरा किया जाएगा, भले ही उस दौरान विकेट गिर जाए।
ओवरथ्रो और डेड बॉल की नई परिभाषा
एमसीसी ने ओवरथ्रो और मिसफील्ड के बीच के अंतर को स्पष्ट कर दिया है। अब ओवरथ्रो सिर्फ तभी माना जाएगा, जब कोई फील्डर विकेट पर गेंद फेंकता है और वह गेंद आगे निकल जाती है। अगर फील्डर बाउंड्री के पास गेंद रोकने की कोशिश करता है और गेंद हाथ से फिसलकर निकल जाती है, तो उसे ओवरथ्रो नहीं, बल्कि मिसफील्ड कहा जाएगा। अब डेड बॉल के लिए यह जरूरी नहीं है कि गेंद गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में ही हो। अगर गेंद किसी भी फील्डर के पास आ गई हो या मैदान पर रुक गई हो और अंपायर को लगे कि अब बल्लेबाज रन नहीं ले सकता, तो वह गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है।
लेमिनेटेड बैट को मंजूरी
लेमिनेटेड बैट या टाइप-डी बैट वह क्रिकेट बैट होता है, जिसे लकड़ी के दो या तीन टुकड़ों को आपस में जोड़कर तैयार किया जाता है। ये बल्ले पारंपरिक सिंगल-पीस बल्लों की तुलना में सस्ते होते हैं। एमसीसी ने इन्हें ओपन एज क्लब क्रिकेट में इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। वहीं, ओपन एज क्रिकेट उस फॉर्मेट को कहा जाता है जिसमें खिलाड़ियों की उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं होती और इस स्तर पर सभी उम्र के खिलाड़ी एक साथ खेल सकते हैं।
हिट विकेट के नियम को किया साफ
हिट विकेट में कन्फ्यूजन को दूर किया गया है। अब यह समझने में कोई दिक्कत नहीं रहेगी कि बल्लेबाज कब हिट विकेट आउट माना जाएगा और कब नहीं। बैलेंस बिगड़ना अगर बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद लड़खड़ाता है और संतुलन बनाते-बनाते खुद स्टंप्स पर गिर जाता है, तो वह आउट होगा। इससे फर्क नहीं पड़ेगा कि गेंद उस समय कितनी दूर जा चुकी है। फील्डर से टक्कर अगर बल्लेबाज का किसी फील्डर से टकराव हो जाता है और उसी वजह से वह स्टंप्स पर गिरता है, तो उसे हिट विकेट आउट नहीं दिया जाएगा। बल्ला छूटना अगर बल्लेबाज के हाथ से बल्ला छूटकर सीधे स्टंप्स पर लग जाता है, तो वह आउट माना जाएगा। लेकिन अगर बल्ला पहले विकेटकीपर या किसी फील्डर को छूता है और फिर स्टंप्स से टकराता है, तो बल्लेबाज नॉट आउट रहेगा।