अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर छाई अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा।

विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा।
सेंसेक्स 200 अंक उछलकर नरम पड़ा, निफ्टी 23400 के पार
भारतीय स्टेट बैंक, टाइटन व एक्सिस सबसे बड़े नुकसान में रहे
इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी दिन भारी दबाव दिखा
मुंबई। स्टार समाचार वेब
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर छाई अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा। वहीं दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में सरकार के एक बड़े फैसले के बाद सोने और चांदी की कीमतें नए स्तर पर पहुंच गईं हैं। बुधवार को शुरुआती कारोबार में मामूली बढ़त के बाद बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक नकारात्मक दायरे में फिसल गए। वहीं सेंसेक्स की तीस कंपनियों में पावर ग्रिड, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, टाइटन और एक्सिस बैंक सबसे बड़े नुकसान में रहे। एशियन पेंट्स, अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील और कोटक महिंद्रा बैंक लाभ में रहे।
एशियाई बाजारों में तेजी
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 7749 | 101 | 1.50% |
| निक्केई (जापान) | 62986 | 188 | 0.30% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 26364 | 16 | -0.06% |
बिकवाली का दौर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने एक लंबे भू-राजनीतिक संकट की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। इस तनाव के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह (रिस्क एपेटाइट) काफी कमजोर हो गया है। यही वजह है कि आज शुरुआती कारोबार में भी बाजारों में लगातार बिकवाली का दौर जारी रहा।
सेंसेक्स: तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 75.64 अंक चढ़कर 74,614.51 पर पहुंच गया था। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 17.10 अंक बढ़कर 23,391.10 पर पहुंच गया था।
निफ्टी: दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी 50 में 18.11 अंक (0.08 प्रतिशत) की बेहद मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह 23,397.65 के स्तर पर पहुंच गया।
अनिश्चितता: कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता इसका मुख्य कारण रही। विदेशी फंडों की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। दोनों सूचकांक इस गति को बनाए रखने में विफल रहे।
अमेरिकी बाजारों में मिला जुला कारोबार
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 49761 | 56 | 0.11% |
| नैस्डैक | 26088 | -186 | -0.71% |
| S&P 500 | 7401 | -12 | -0.16% |
कस्टम ड्यूटी में 15 फीसदी तक बढ़ोतरी
शेयर बाजार की सुस्ती के बिल्कुल विपरीत, घरेलू कमोडिटी बाजार में मजबूत खरीदारी के कारण भारी तेजी देखने को मिल रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर सरकार का वह फैसला है, जिसके तहत सोने और चांदी के आयात पर कुल कस्टम ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। इस नई 15 प्रतिशत की ड्यूटी में 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस शामिल किया गया है।


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भारत में आज शुरुआती कारोबार के चंद मिनटों बाद शेयर बाजार की चाल और बिगड़ गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर खुले।
जुलाई 2026 के ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45% हो गई है। खाद्य पदार्थों, प्याज, लहसुन और अदरक की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के बाद शेयर बाजार की चाल डगमगा गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में सेंसेक्स लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिल।
टाटा समूह के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले पद छोड़ने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से इस संभावना पर चर्चा के बाद इस्तीफा दे दिया है।
बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया की ताजा रिपोर्ट मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेसेज लिस्ट 2026 के अनुसार, मुकेश अंबानी का परिवार भारत का सबसे अमीर कारोबारी परिवार बना हुआ है। संपत्ति में 8.5 फीसदी की गिरावट के बावजूद अंबानी परिवार की कुल संपत्ति 25.8 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गई है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स टूट गया, जबकि निफ्टी नीचे फिसल गया है। निवेशकों के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता बरकरार है। वहीं एयरटेल और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सीमित बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार को घरेलू मांग मजबूत रहने, कंपनियों के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिला।
9 अगस्त 2026 को साप्ताहिक अवकाश के कारण सोने और चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जानिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत देश के प्रमुख शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने-चांदी की ताजा कीमतें।