अयोध्या में राम मंदिर की जमीन और उसके सीमांकन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल। मंदिर की सही जमीन की जांच, पारदर्शी चढ़ावा हिसाब और कैग ऑडिट की मांग। जानिए 2019 के फैसले और पूरी खबर की विस्तार से जानकारी।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर की जमीन और उसकी सीमाओं को लेकर सर्वोच्च अदालत में एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल कर यह मांग की गई है कि एक स्वतंत्र समिति या आयोग का गठन किया जाए, जो यह जांच करे कि मौजूदा राम मंदिर ठीक उसी जमीन पर बना है या नहीं, जिसका जिक्र सुप्रीम कोर्ट ने अपने वर्ष 2019 के ऐतिहासिक फैसले में किया था। इस याचिका में जमीन की सटीक सीमाओं के निर्धारण, पुराने राजस्व नक्शों की जांच के साथ-साथ मंदिर में आने वाले भारी-भरकम चढ़ावे और दान के हिसाब-किताब को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने 9 नवंबर 2019 को अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर अपना सर्वसम्मति से ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इस बहुचर्चित फैसले में विवादित 2.77 एकड़ जमीन को राम मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट को सौंपने का मार्ग प्रशस्त किया गया था। इसके साथ ही, अदालत ने केंद्र सरकार को यह निर्देश भी दिया था कि वह उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में ही किसी प्रमुख और उपयुक्त स्थान पर पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराए।
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई नई याचिका में यह तर्क दिया गया है कि विवादित जमीन की वास्तविक पहचान और उसकी सीमाओं का एक निष्पक्ष और स्वतंत्र सर्वे कराया जाना अनिवार्य है। इसके लिए जमीन के पुराने नक्शे, भौगोलिक निर्देशांक (जीपीएस कोऑर्डिनेट्स), कुल क्षेत्रफल और धरातल पर उसकी वास्तविक स्थिति की तकनीकी जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का अनुरोध है कि अदालत ऐसे डोमेन विशेषज्ञों की एक उच्च-स्तरीय समिति या आयोग बनाए, जिसमें राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अनुभवी सर्वेक्षक और पुरातत्व विभाग (ASI) के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हों। यह समिति अपनी रिपोर्ट के जरिए यह स्पष्ट करे कि वर्तमान मंदिर का निर्माण उसी भूखंड पर हुआ है या नहीं, जिसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले में चिन्हित किया गया था।
इस याचिका में आगे यह भी बिंदु उठाया गया है कि यदि जांच के दौरान सुप्रीम कोर्ट के फैसले में उल्लेखित भूमि और वास्तविक मंदिर निर्माण स्थल के बीच किसी प्रकार का अंतर या विसंगति पाई जाती है, तो अदालत इस पर उचित सुधारात्मक निर्देश जारी करे। याचिकाकर्ता ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से यह भी मांग की है कि जमीन की पहचान, सीमांकन, और मंदिर निर्माण से जुड़े सभी मूल दस्तावेज, ब्लूप्रिंट, योजनाएं और सर्वे रिकॉर्ड्स को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए और आवश्यकता पड़ने पर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
इस याचिका का दायरा केवल जमीन के सीमांकन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मंदिर की वित्तीय व्यवस्थाओं को भी पारदर्शी बनाने की जोरदार मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि देश-विदेश से दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में विश्वस्तरीय और बेहतर सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। इसके अलावा, मंदिर में मिलने वाले दान, चढ़ावे और प्राप्त होने वाली रसीदों का रोजाना डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाए और उस ब्योरे को सार्वजनिक किया जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के खातों का हर साल भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा अनिवार्य ऑडिट कराया जाए, ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे और धन के उपयोग को लेकर किसी भी प्रकार की आशंका या गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
सुप्रीम कोर्ट की वाद सूची के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि से जुड़ी इस नई याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इस महत्वपूर्ण मामले पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ सुनवाई कर सकती है। इस याचिका के अदालत में आने के बाद एक बार फिर अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा तेज हो गई है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान विवाह के बंधन में बंध गए हैं। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुए इस समारोह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सरदार पटेल के वोटों की चोरी कर नेहरू प्रधानमंत्री बने थे। जानें एसआईआर (SIR) और राहुल गांधी पर पात्रा के बड़े दावे।
न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। चोटिल प्रसिद्ध कृष्णा की जगह तेज गेंदबाज आकिब नबी को शुरुआती तीन वनडे मैचों के लिए भी टीम में शामिल कर लिया गया है।
केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। वहीं, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर टैक्स बढ़ा दिया गया है। जानें क्या हैं नई दरें और इसके पीछे की वजह।
इंडिया गठबंधन ने मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मॉक संसद आयोजित कर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग पेश किया। खरगे ने केंद्र सरकार पर वोटों की चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
अयोध्या में राम मंदिर की जमीन और उसके सीमांकन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल। मंदिर की सही जमीन की जांच, पारदर्शी चढ़ावा हिसाब और कैग ऑडिट की मांग। जानिए 2019 के फैसले और पूरी खबर की विस्तार से जानकारी।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख के रूप में पदभार संभाल लिया है। उन्होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह ली है। जानिए उनके करियर और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) ने 40 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान धूरी से ही चुनाव लड़ेंगे। जानें पूरी लिस्ट और चुनावी रणनीति।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में मानवाधिकार परिषद की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की कार्यप्रणाली पर सख्त सवाल खड़े किए हैं। मानवाधिकारों की रक्षा के नाम पर किसी देश को निशाना बनाना या दोहरे मापदंड अपनाना पूरी तरह अनुचित है।
भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। अब देश अपनी नेविगेशन जरूरतों के लिए विदेशी प्रणालियों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहेगा। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट ने शुक्रवार रात 11:51 बजे उड़ान भरी।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह