भारत की सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने साल 2026 के लिए अमेरिकी गल्फ कोस्ट से 22 लाख टन LPG आयात करने का एक साल का कॉन्ट्रैक्ट किया है। यह भारत के कुल सालाना LPG आयात का लगभग 10% है और अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विशेष महत्व देते हैं।

बिजनेस डेस्क. स्टार समाचार वेब
भारत की सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए साल 2026 के लिए अमेरिकी गल्फ कोस्ट से लगभग 22 लाख टन लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) आयात करने हेतु एक साल का संरचित अनुबंध सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह मात्रा भारत के कुल सालाना LPG आयात का लगभग 10 प्रतिशत है और यह भारतीय बाजार के लिए पहला ऐसा अमेरिकी LPG कॉन्ट्रैक्ट है। इस समझौते को अमेरिका के साथ भारत के बढ़ते व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह मुद्दा विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा है, जिसके कारण उन्होंने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने जैसा कदम भी उठाया था।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते LPG बाजारों में से एक के लिए एक "ऐतिहासिक शुरुआत" है। यह समझौता सुरक्षित और सस्ती LPG सुनिश्चित करने तथा आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने की भारत की रणनीति का हिस्सा है।
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी भारतीय कंपनियां यह LPG आयात करेंगी, जिसके लिए अमेरिकी दिग्गज शेवरॉन, फिलिप्स और टोटलएनर्जीज सप्लाई करेंगी। वर्तमान में, भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 8 प्रतिशत अमेरिका से खरीदता है, और इस नए LPG समझौते से दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार और द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को और बल मिलेगा।

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