भोपाल के इतवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग की। जानें क्यों मुस्लिम समाज गौ-वध को हराम और गौ-रक्षा को जरूरी बता रहा है।
By: Ajay Tiwari
Mar 24, 20266:31 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी के ऐतिहासिक इतवारा चौराहे पर मंगलवार को एक विशेष दृश्य देखने को मिला। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के बैनर तले मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर गाय को 'राष्ट्रीय पशु' का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान "गौ माता के सम्मान में, मुस्लिम समाज मैदान में" जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने धार्मिक संदर्भों का हवाला देते हुए गौ-रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम में गाय का मांस खाना और उसका वध करना वर्जित माना गया है।
हसन ने कहा, "हमारे नबी का फरमान है कि न हम गाय को काट सकते हैं और न ही उसका मांस खा सकते हैं। इसके विपरीत, गाय का दूध और घी हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी और पाक बताया गया है, जिसका हम नियमित सेवन करते हैं।"
देश में गौ-वंश को लेकर होने वाली हिंसा और सांप्रदायिक तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कमेटी ने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण बंद होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब समाज का एक बड़ा वर्ग गाय को 'माता' का दर्जा देता है, तो सरकार को उसे राष्ट्रीय प्रतीक बनाने में संकोच नहीं करना चाहिए।
मुस्लिम समाज की मुख्य मांगें:
गाय को तुरंत राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
गौ-वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगे ताकि अफवाहों और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति खत्म हो सके।
गौ-वंश के नाम पर होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सख्त कानूनी ढांचा बने।
शमशुल हसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि जब मुस्लिम समाज खुद आगे आकर यह मांग कर रहा है, तो अब इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि गाय को राष्ट्रीय गौरव घोषित करने से वास्तविक दोषियों की पहचान आसान होगी और समाज में शांति स्थापित होगी।