चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने के बाद प्रशासन ने राहत, सफाई और बिजली बहाली तेज कर दी। 3074 परिवारों को 1.58 करोड़ रुपये से अधिक सहायता स्वीकृत हुई, टीमें लगातार जुटी हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में कमी के बाद जनजीवन को पूरी तरह सामान्य करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राहत, स्वच्छता और जन सुविधाओं के पुर्नबहाली के कार्य लगातार जारी हैं। रविवार को जिला प्रशासन की विभिन्न टीमों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर साफ-सफाई, कीचड़ एवं रेत हटाने तथा स्वच्छता के कार्यो में श्रमदान भी किया। मंदाकिनी नदी का जलस्तर रविवार सुबह आरोग्यधाम के पास प्रात: 6 बजे 135.32 मीटर दर्ज किया गया, जबकि नदी का अधिकतम एचएफएल 139.60 मीटर है। जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। प्रशासन द्वारा लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस एवं पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने रविवार को चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने भरत घाट, राघव प्रयाग घाट एवं नयागांव में बाढ़ से हुई नुकसानी का जायजा लिया। कलेक्टर और एसपी ने मंदाकिनी नदी के नयागांव, राघव प्रयाग घाट की ओर स्थित घरों में भी बाढ का पानी घुसने से हुए नुकसान का अवलोकन किया तथा स्थानीय निवासियों से रूबरू बातचीत कर नियमानुसार हर संभव सहायता देने की बात कही।
दीनदयाल रसोई में 24 घंटे तैयार हो रहा भोजन
मंदाकिनी बाढ़ प्रभावितों के लिए चित्रकूट की दीनदयाल रसोई 24 घंटे संचालित की जा रही है। यहां लगातार भोजन तैयार कर पैकेट के रूप में वाहनों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, एसपी हंसराज सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह एवं एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर ने दीनदयाल रसोई पहुंचकर स्वयं भोजन ग्रहण किया और भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्था का जायजा लिया।
ननि की दो टीमें सक्रिय
कलेक्टर ने कहा कि नगर निगम की 50-50 सफाई कर्मियों की दो टीमें घाटों में संलग्न की जाये। जिनमें एक टीम भरत घाट की ओर तथा दूसरी टीम राघव प्रयाग घाट की ओर नदी के घाट की सफाई करेंगी। इस दौरान अपर कलेक्टर विकास सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह तथा एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
उद्यानिकी कार्यालय ने दिया 60 किट सूखा खाद्यान्न
मंदाकिनी नदी बाढ प्रभावित क्षेत्र के परिवारों को नगर परिषद की दीनदयाल रसोई में गुणवत्तायुक्त ताजा भोजन पैकेटों में तैयार कर हर मोहल्ले के लोगों को वितरित किया जा रहा है। रविवार को उप संचालक उद्यानिकी अनिल सिंह एवं स्टाफ द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 60 सूखा राशन किट उपलब्ध कराई गईं। प्रत्येक किट में 10 किलो चावल, 2 किलो दाल, 1 किलो खाद्य तेल और 1 किलो नमक शामिल है। इन राशन किटों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में सहायता मिल रही है।
बाढ़ प्रभावितों को राहत
जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर राहत एवं जनसुविधाओं के पुर्नबहाली कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के नेतृत्व में राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्वेक्षण और राहत कार्यों में जुटी हैं। जिले में 6 सितंबर तक 3074 प्रभावित परिवार के प्रकरणों में 1 करोड़ 58 लाख 64 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर वितरित की जा रही है। चित्रकूट-मझगवां क्षेत्र में बाढ़ से अधिक प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई गई है। मझगवां-चित्रकूट क्षेत्र में 1514 प्रकरणों में 76 लाख 89 हजार रुपये की सहायता वितरित हुई है।
अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया श्रमदान
बाढ़ प्रभावित चित्रकूट के नदी घाटों एवं बस्तियों को शीघ्र स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य तथा साफ-सफाई कार्य को और गति देने के लिए जिला कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारियों ने रविवार को चित्रकूट पहुंचकर श्रमदान में हिस्सा लिया। इनमें कलेक्ट्रेट की टीम द्वारा भरत घाट की रेत और मलबा हटाकर साफ-सफाई की गई, साथ ही भरत घाट मार्ग पर लोगों द्वारा घरों एवं दुकानों से निकालकर सड़क किनारे रखी गई कीचड़ और रेत को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर हटाने में मदद की।
चार ट्रांसफार्मर प्रभावित, बिजली बहाली का काम जारी
अधीक्षण यंत्री विद्युत ने बताया कि बाढ़ के कारण वर्तमान में 4 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं, जिससे 272 उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। करीब 42 विद्युत पोल की लाइन बाढ़ में बह गई है, जिनके पुनर्निर्माण और लाइन बहाली का कार्य जारी है। विद्युत विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नयागांव राघव प्रयाग घाट में 11 केवी लाइन खड़ी करने का कार्य प्रगति पर है जबकि पुरानी लंका में लाइन सही करके डूबे डीटीआर को बदल कर चार्ज करने के सप्लाई बहाल कर दी गई है।


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