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चुनाव आयोग का बड़ा कदम: असम, केरल, बंगाल समेत 5 राज्यों में शुरू हो सकता है मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR)

चुनाव आयोग देश में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू करने की तैयारी में है। जानें 2026 में विधानसभा चुनाव वाले किन 5 राज्यों पर है फोकस, SIR का उद्देश्य और पुरानी सूचियों का रिकॉर्ड।

By: Ajay Tiwari

Oct 10, 20255:38 PM

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चुनाव आयोग का बड़ा कदम: असम, केरल, बंगाल समेत 5 राज्यों में शुरू हो सकता है मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR)

नई दिल्ली. स्टार समाचार वेब.

भारत का चुनाव आयोग (Election Commission) देश में चरणबद्ध तरीके से मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (Special Summary Revision - SIR) का काम शुरू करने की तैयारी में है। आयोग के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया की शुरुआत उन राज्यों से हो सकती है जहाँ अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

SIR की शुरुआत और फोकस वाले राज्य

आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं या होने वाले हैं, वहाँ फिलहाल यह संशोधन अभियान नहीं चलाया जाएगा, क्योंकि निकाय चुनावों में व्यस्तता के कारण चुनाव मशीनरी SIR पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएगी।

पहले चरण में SIR की प्रक्रिया इन राज्यों में शुरू हो सकती है...

  • असम

  • केरल

  • पुडुचेरी

  • तमिलनाडु

  • पश्चिम बंगाल

इन पाँच राज्यों में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनके अलावा, पहले चरण में कुछ अन्य राज्यों को भी शामिल किया जा सकता है।

तैयारियों के निर्देश और पिछला रिकॉर्ड

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में कहा था कि सभी राज्यों में मतदाता सूचियों का गहन पुनरीक्षण शुरू करने की तैयारी चल रही है, और अंतिम फैसला आयोग द्वारा लिया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, आयोग के शीर्ष अधिकारियों ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारियों (CEOs) को अगले 10 से 15 दिनों में SIR शुरू करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया था। सीईओ को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने राज्यों की मतदाता सूचियों को अंतिम SIR के बाद प्रकाशित (Publish) रखें।

गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से अवैध मतदाताओं को बाहर करना है, जिसमें उनके जन्म स्थान की जाँच भी शामिल है।

कई राज्यों में अंतिम SIR बहुत पहले हुआ था:

  • दिल्ली: अंतिम गहन पुनरीक्षण 2008 में हुआ था।

  • उत्तराखंड: अंतिम SIR 2006 में हुआ था।

  • अधिकांश राज्य: अधिकांश राज्यों में मतदाता सूची का अंतिम SIR 2002 और 2004 के बीच हुआ था।

बिहार में SIR का काम पहले ही पूरा हो चुका है, जहाँ 30 सितंबर को लगभग 7.42 करोड़ नामों वाली अंतिम सूची प्रकाशित की गई थी।

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