अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमति से वैश्विक तनाव कम हुआ। सोने की कीमत 1.53 लाख और चांदी 2.26 लाख के पार

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक सुधारों ने वैश्विक बाजारों में हलचल पैदा कर दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर बनी सहमति के बाद बुलियन मार्केट में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों ने रिकॉर्ड स्तर को छू लिया है।
भू-राजनीतिक संकट के बीच अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे फिर से खोलने पर सहमति बनी है। विशेषज्ञों ने इसे युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे ठोस राजनयिक घटनाक्रम माना है। इस ऐतिहासिक समझौते की उम्मीदों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, साथ ही अमेरिकी डॉलर भी कमजोर हुआ है। इन कारकों ने मुद्रास्फीति के दबाव को कम किया है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की ओर बढ़ा है।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है:
अंतरराष्ट्रीय भाव: कॉमेक्स बाजार में सोना 4,760 डॉलर प्रति औंस और चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई है।
घरेलू सोना (24 कैरेट): 7 मई को सोने की कीमत 470 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रही。 इससे पहले बुधवार को यह 1,50,860 रुपये पर थ।
घरेलू चांदी: चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी आई और यह 2,26,220 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई。 बुधवार को इसमें 8,602 रुपये की विशाल बढ़त देखी गई थी。
कोटक सिक्योरिटीज के सुनील कटके के अनुसार, लगातार तीसरे सत्र में कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण अमेरिका-ईरान शांति वार्ता है। वहीं, विशेषज्ञों का कहन है कि यदि यह वार्ता दीर्घकालिक शांति समझौते में बदलती है, तो बाजार में और सकारात्मकता आएगी। आर्थिक मोर्चे पर, अमेरिकी श्रम बाजार में नरमी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना भी सोने और चांदी जैसी गैर-लाभकारी संपत्तियों के पक्ष में काम कर रही है।
डॉलर सूचकांक में नरमी ने सोने की मजबूती को और बल दिया है。 तकनीकी रूप से, सोने के लिए 1,51,000 रुपये का स्तर एक मजबूत आधार (सपोर्ट) बना हुआ है, जबकि 1,55,000 रुपये तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र है。 व्यापारियों की नजर अब आगामी अमेरिकी गैर-कृषि वेतन और बेरोजगारी के आंकड़ों पर है, जो सोने की अल्पकालिक दिशा तय करेंगे。

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टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।