मटके का ठंडा पानी सेहत के लिए वरदान है, लेकिन इसकी गलत सफाई आपको बीमार कर सकती है। जानें मटके को साफ करने का सही तरीका और इसे बैक्टीरिया मुक्त रखने के आसान टिप्स।

लाइफ स्टाइल डेस्क।स्टार समाचार वेब
गर्मियों की शुरुआत के साथ ही लोग फ्रिज के पानी की जगह मटके के पानी को तरजीह देने लगते हैं। मिट्टी की सोंधी खुशबू और प्राकृतिक रूप से ठंडा पानी न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि पाचन और मेटाबॉलिज्म के लिए भी अच्छा माना जाता है। हालांकि, यदि मटके की सफाई और रखरखाव में लापरवाही बरती जाए, तो इसमें पनपने वाले बैक्टीरिया आपको बीमार कर सकते हैं।
यहाँ मटके को साफ और सुरक्षित रखने के कुछ आसान और प्रभावी तरीके दिए गए हैं..
बाजार से मटका लाने के तुरंत बाद उसमें पानी भरकर पीना शुरू न करें। सबसे पहले उसे एक बड़े टब में साफ पानी भरकर कम से कम 4 से 6 घंटे के लिए डुबोकर छोड़ दें। इससे मिट्टी के रोमछिद्र (pores) खुल जाते हैं और मिट्टी पूरी तरह पानी सोख लेती है, जिससे बाद में पानी का रिसाव नहीं होता। इसके बाद इसे सादे पानी से धोकर कुछ देर धूप में सुखाएं।
मटके को कभी भी डिश सोप या किसी केमिकल लिक्विड से नहीं धोना चाहिए। मिट्टी के मटके में सूक्ष्म छिद्र होते हैं जो साबुन को सोख सकते हैं। यह न केवल पानी के स्वाद को खराब करता है, बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है।
मटके के अंदर जमी काई या चिकनाई को साफ करने के लिए नमक या बेकिंग सोडा का उपयोग करें। यह प्राकृतिक रूप से कीटाणुओं को खत्म करता है। अगर मटके से किसी तरह की गंध आ रही है, तो थोड़े से सिरके (Vinegar) को पानी में मिलाकर अंदर से रगड़ें और फिर गुनगुने पानी से खंगाल लें।
मटके में सीधे हाथ या गिलास डुबोने से बचें। पानी निकालने के लिए हमेशा लंबे हैंडल वाले 'डोई' या लोटा का उपयोग करें। इससे आपके हाथों के कीटाणु पानी में नहीं जाते और पानी शुद्ध बना रहता है। मटके को हमेशा ढककर रखें।
मटके के बाहरी हिस्से पर अक्सर सफेद रंग की नमक जैसी परत जम जाती है। इसे समय-समय पर कपड़े या नरम ब्रश से हटाते रहें ताकि वाष्पीकरण (Evaporation) की प्रक्रिया सही से चलती रहे। मटके को और अधिक ठंडा रखने के लिए इसे किसी हवादार जगह या खिड़की के पास रखें और इसके चारों ओर एक गीला सूती कपड़ा लपेट दें।
मटका जिस स्टैंड या जगह पर रखा है, वहां रोजाना सफाई करें। नमी के कारण मटके के नीचे मच्छर या कीड़े पनपने का डर रहता है, इसलिए सतह को सूखा और साफ रखें।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मौसम बदलते ही हमारी जीवनशैली और जरूरतों में बदलाव आना स्वाभाविक है। सर्दियों का मौसम जहां अपने साथ खुशनुमा अहसास और गरमा-गरम खान-पान की लज्जत लाता है, वहीं सेहत और त्वचा के लिए थोड़ी अतिरिक्त देखभाल की मांग भी करता है।
मौसम के अनुसार नाइट ड्रेस का चयन करना बेहद जरूरी है। इस लेख में जानें कि गर्मियों, सर्दियों और मानसून में किस तरह के फैब्रिक और डिजाइन वाली नाइटवियर पहननी चाहिए ताकि आपको चैन की नींद मिले।
बारिश के मौसम में बिना धूप के कपड़े झटपट सुखाने के आसान उपाय। जानें वॉशिंग मशीन स्पिन, हैंगर, पंखे और प्रेस के इस्तेमाल से जुड़े बेहतरीन लाइफस्टाइल टिप्स।
बारिश का मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आता है। मानसून में अपनी सेहत, खानपान और त्वचा का खास ख्याल कैसे रखें, जानें इससे जुड़े बेहतरीन लाइफस्टाइल टिप्स।
जानिए 5 बेहतरीन हाई फाइबर आटे जैसे जौ, बाजरा, रागी, चना और ओट्स, जो पाचन सुधारने, वजन कंट्रोल करने और सेहत बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
जानिए दिनचर्या में समय प्रबंधन (Time Management) का क्या महत्व है। उत्पादकता बढ़ाने, तनाव कम करने और सफलता पाने के लिए समय नियोजन के प्रभावी टिप्स।
डिजिटल दौर और भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में किताबों का महत्व कम हो गया है। जानें कि कैसे किताबें आपके तनाव को कम कर सकती हैं और मानसिक शांति के लिए पठन-पाठन क्यों जरूरी है।
बेहतर नींद और स्वस्थ जीवनशैली के लिए सोने की सही मुद्रा, स्लीप हाइजीन और वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानें। आज ही अपनाएं ये आदतें