क्या आपकी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में फैटी लिवर आया है? तुरंत दवा खाने के बजाय लाइफस्टाइल में ये बदलाव करें। जानिए विशेषज्ञ डॉक्टर नरेंद्र के शेट्टी से फैटी लिवर को प्राकृतिक रूप से ठीक करने के अचूक उपाय।

लाइफ स्टाइल। स्टार समाचार वेब
पूरी दुनिया में फैटी लिवर (Fatty Liver) के मरीजों की संख्या बेहद तेजी से बढ़ रही है। आज के समय में यह एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। डॉक्टरों के अनुसार, यह समस्या सबसे ज्यादा उन लोगों में देखी जा रही है जो मोटापे से ग्रस्त हैं, शारीरिक रूप से इनएक्टिव (निष्क्रिय) हैं और जिनका खान-पान पूरी तरह अनहेल्दी है।
लिवर में फैट जमा होने की इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआती दौर में इसके कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देते। अक्सर जब लोग किसी अन्य समस्या के लिए अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कराते हैं, तब जाकर अचानक फैटी लिवर का पता चलता है।
योग विशेषज्ञों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में फैटी लिवर आते ही लोग घबरा जाते हैं और तुरंत भारी-भरकम दवाइयां खाना शुरू कर देते हैं। जबकि सच यह है कि शुरुआती स्टेज (Stage 1 & 2) में केवल अपनी लाइफस्टाइल और खान-पान में सुधार करके इस बीमारी को पूरी तरह रिवर्स यानी ठीक किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आज की आधुनिक जीवनशैली ही इस बीमारी की सबसे बड़ी जननी है। गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर (NAFLD - Non-Alcoholic Fatty Liver Disease) के पीछे यह मुख्य कारण जिम्मेदार हैं:
ऑफिस में या घर पर लगातार लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधि न करना।
पिज्जा, बर्गर, चिप्स और पैकेटबंद चीजों पर निर्भरता।
कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड फ्रूट जूस और एनर्जी ड्रिंक्स का ज्यादा इस्तेमाल।
रात को देर से भारी भोजन करना और तुरंत सो जाना।
समय के साथ, शरीर में बची हुई अतिरिक्त कैलोरी और फैट धीरे-धीरे लिवर की कोशिकाओं (Liver Cells) के अंदर जमा होने लगती है। चूंकि इसमें कोई दर्द या शुरुआती संकेत नहीं होते, इसलिए इसे एक 'साइलेंट डिसीज' भी कहा जाता है। नियमित रूप से खराब आदतें सालों-साल लिवर को अंदर से डैमेज करती रहती हैं।
ज्यादा चीनी खाना फैटी लिवर का सबसे बड़ा आमंत्रण है। कोल्ड ड्रिंक्स, डिब्बाबंद जूस, बिस्कुट, मिठाई और बेकरी प्रोडक्ट्स में फ्रक्टोज की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जब शरीर में फ्रक्टोज अधिक हो जाता है, तो लिवर इसे सीधे वसा (Fat) में बदल देता है। डॉक्टर शेट्टी के अनुसार, यदि मरीज केवल अपनी दैनिक डाइट से चीनी की मात्रा को आधा या बंद कर दे, तो कुछ ही हफ्तों में लिवर एंजाइमों (SGOT/SGPT) में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलता है।
लिवर को ठीक करने के लिए आपको किसी महंगे जिम या हैवी वर्कआउट की जरूरत नहीं है। हफ्ते में 6 दिन, रोज 30 मिनट तेज गति से पैदल चलें (Brisk Walking)। घर पर ही सामान्य योग, स्क्वैट्स (उठक-बैठक) और पुश-अप्स जैसी सरल एक्सरसाइज करें। इससे शरीर की मांसपेशियां ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल कर पाती हैं, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है और लिवर पर बढ़ा हुआ तनाव कम हो जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कम सोने और लगातार मानसिक तनाव (Stress) में रहने से शरीर में कोर्टिसोल और इंसुलिन हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। यह हार्मोनल असंतुलन परोक्ष रूप से लिवर में सूजन (Inflammation) और वसा को बढ़ाता है। हर रात कम से कम 6 से 7 घंटे की गहरी और सुकून भरी नींद बेहद जरूरी है। रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी जैसी स्क्रीन का उपयोग पूरी तरह बंद कर दें।
यदि आपका वजन ज्यादा है, तो शरीर के कुल वजन का सिर्फ 7 से 10% हिस्सा कम करने से भी लिवर की सूजन और चर्बी में भारी गिरावट आती है। हालांकि, ध्यान रखें कि वजन धीरे-धीरे और स्वस्थ तरीके से कम होना चाहिए। अचानक वजन घटाने वाली 'क्रैश डाइट' अपनाने से लिवर पर उल्टा और ज्यादा दबाव पड़ सकता है।
अगर आपको गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर भी है, तब भी शराब का सेवन आपके लिवर के रिकवरी प्रोसेस (ठीक होने की गति) को बिल्कुल धीमा या ठप कर देता है। हफ्ते में कभी-कभार या सोशल ड्रिंकिंग भी लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए इससे पूरी तरह परहेज करें।
लिवर को डिटॉक्स करने और उसे दोबारा स्वस्थ बनाने के लिए आपकी थाली (Diet) का सही होना सबसे महत्वपूर्ण है।
| इन चीजों को डाइट में शामिल करें (Do's) | इन चीजों से पूरी तरह दूरी बनाएं (Don'ts) |
| हरी पत्तेदार सब्जियां और ताजे फल: ये लिवर को आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट्स देते हैं। | तले-भुने और ऑयली फूड: समोसे, कचौड़ी, फ्रेंच फ्राइज और डालडा घी। |
| साबुत अनाज (Whole Grains): ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और बाजरा। | मैदा और बेकरी उत्पाद: सफेद ब्रेड, पफ, बन और पिज्जा बेस। |
| लीन प्रोटीन: उबले हुए अंडे, मछली और दालें। | पैकेटबंद स्नैक्स: नमकीन, चिप्स और प्रिजर्वेटिव्स वाले रेडी-टू-ईट फूड। |
फैटी लिवर कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे डरा जाए, बल्कि यह आपके शरीर द्वारा दिया गया एक अलार्म है कि अब संभलने का वक्त आ गया है। डॉक्टर शेट्टी की सलाह के अनुसार, सही खान-पान, रोजाना थोड़ी एक्सरसाइज और अच्छी नींद के जरिए आप बिना एक भी दवा खाए अपने लिवर को दोबारा 100% स्वस्थ और एक्टिव बना सकते हैं।

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