मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद भारत में तेल-गैस आपूर्ति पर सरकार का बड़ा अपडेट। जानें LPG बुकिंग के नए नियम, e-KYC की सच्चाई और सप्लाई की मौजूदा स्थिति।
By: Ajay Tiwari
Mar 19, 20264:51 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी युद्ध और ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। गुरुवार को विदेश और पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद भारत में तेल और गैस की सप्लाई सामान्य बनी हुई है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए कच्चे तेल के स्रोतों का विविधीकरण (Diversification) कर लिया है।
अब भारत का 70% कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बाहर के क्षेत्रों से आ रहा है।
ईरान युद्ध के कारण यह रूट असुरक्षित होने के बावजूद भारत ने वैकल्पिक रास्तों से आपूर्ति सुनिश्चित की है।
LPG के लिए अमेरिका और LNG के लिए कतर व ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से सहयोग लिया जा रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि देश में LPG की कोई भौतिक कमी नहीं है। डिजिटल इंडिया के प्रभाव से अब 94% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और 83% डिलीवरी 'ऑथेंटिकेशन कोड' के जरिए की जा रही है।
बुकिंग के बदले हुए नियम: सरकार ने मांग को नियंत्रित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग के अंतराल (Lock-in Period) में बदलाव किया है:
6 मार्च: घरेलू बुकिंग के लिए 21 दिन का अंतराल।
9 मार्च: शहरों में बढ़ती मांग के कारण इसे बढ़ाकर 25 दिन किया गया।
12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सिलेंडर बुकिंग का गैप 45 दिन तय किया गया।
गैस एजेंसियों पर लग रही लंबी लाइनों और e-KYC को लेकर मची अफरा-तफरी पर सरकार ने कहा कि कनेक्शन कटने की खबरें महज अफवाह हैं। e-KYC केवल उन ग्राहकों के लिए अनिवार्य है जिनका वेरिफिकेशन अधूरा है, ताकि फर्जी कनेक्शनों को हटाया जा सके। सरकार ने कॉमर्शियल उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे LPG के बजाय CNG पर शिफ्ट हों, जिसके लिए कई कंपनियों ने इंसेंटिव की भी घोषणा की है।
वजह: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल पैदा कर दी है। भारत अपनी जरूरत का 60% से अधिक LPG आयात करता है, जिसमें से बड़ा हिस्सा पहले हॉर्मुज मार्ग से आता था।