इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.2% पर मजबूत बनी रहेगी, जिसका मुख्य कारण निजी खपत है। अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% ग्रोथ का अनुमान। जानिए पूरी डिटेल।

बिजनेस डेस्क नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (इंड-रा) ने बुधवार को जारी अपनी नवीनतम रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। एजेंसी का मानना है कि इस अवधि के दौरान निजी खपत (Private Consumption) विकास का एक प्रमुख कारक बनी रहेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह अनुमान पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की समान दूसरी तिमाही (Q2) की वृद्धि दर 5.6 प्रतिशत से काफी अधिक है।
इंड-रा के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत का वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पांच तिमाहियों में सबसे तेज गति से 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के जीडीपी विकास अनुमानों पर आधिकारिक आंकड़े 28 नवंबर को जारी किए जाएंगे।
इंड-रा ने एक बयान में कहा कि उसे उम्मीद है कि FY26 की दूसरी तिमाही में GDP वृद्धि दर साल-दर-साल आधार पर 7.2 प्रतिशत पर मजबूत बनी रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूती के पीछे के कारकों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "मांग पक्ष से, निजी उपभोग उच्च और निम्न आय वाले परिवारों, दोनों में स्थिर वास्तविक आय वृद्धि के कारण विकास का एक प्रमुख चालक है। आपूर्ति पक्ष से, विनिर्माण क्षेत्र में अनुकूल आधार-आधारित वस्तु निर्यात वृद्धि के साथ-साथ लचीले सेवा क्षेत्र ने FY26 की दूसरी तिमाही के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि को गति दी।"
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मजबूत घरेलू मांग के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था संकटग्रस्त वैश्विक परिस्थितियों से उम्मीद से बेहतर ढंग से पार पा रही है। एजेंसी ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) इंड-रा और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) दोनों की अपेक्षाओं से अधिक तेजी से कम हुई है, जिसके परिणामस्वरूप वास्तविक मजदूरी और उपभोग मांग में वृद्धि हुई है।

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भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ। आज खुलते के साथ ही शेयर मार्केट औंधे मुंह गिर गया। इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बिहार में 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश का एलान किया है। भागलपुर के पीरपैंती में पावर प्रोजेक्ट और सारण में आई हॉस्पिटल का उद्घाटन। पढ़ें पूरी खबर।
दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम आज एक बार फिर एक रुपए प्रति किलो बढ़ा दिए गए। इससे पहले गैस कंपनियों ने शुक्रवार को सीएनजी की कीमतें दो रुपए प्रति किलो बढ़ा दी थी। पिछले तीन दिन में सीएनजी तीन रुपए महंगी हुई है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों के लिए नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्ट पर तीन रुपए प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। इसके साथ ही डीजल और जेट फ्यूल पर टैक्स घटाया है।
अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ चल रहे मुकदमे के निपटारे पर सहमति दी है।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिर कारोबारी दिन शुक्रवार की शुरुआत पॉजिटिव रही। प्रमुख बेंचमॉर्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 हरे निशान पर ट्रेड करते हुए ओपन हुए। इससे पहले मार्केट में गुरुवार के कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली थी।
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज घरेलू शेयर बाजार में राहत की किरण नजर आ रही है। बीते कुछ दिनों से बिकवाली का दबाव झेल रहे बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर कारोबर करते दिख रहे हैं। हालांकि, शुरुआती कारोबार में बढ़त के बाद बेंचमार्क सूचकांकों पर बिकवाली का जोर दिखा।
देश में आज से दूध महंगा हो गया है। देर शाम दिग्गज कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने एक के बाद एक अपनी पैकेज्ड मिल्क की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था और गुरुवार को महंगाई का झटका देश की जनता को लगा है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर छाई अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली के दबाव के कारण इक्विटी बाजारों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी दबाव दिखा।
बीते रविवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी और 24 घंटे के भीतर ही अपनी इस अपील को दोहराया भी था। अब सरकार ने गोल्ड को लेकर एक बड़ा फैसला ले लिया है।