अप्रैल 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर 3.48% पर पहुंच गई है। जानें खाने-पीने की चीजों के दाम और महंगाई मापने के नए फॉर्मूले का आम आदमी पर क्या असर होगा

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
देश में महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को झटका लगा है। 12 मई यानी मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 की खुदरा (Retail) महंगाई दर बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई है। इससे पहले मार्च के महीने में यह दर 3.40% दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा वर्तमान तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो आने वाले समय में महंगाई के आंकड़े और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
महंगाई में हुई इस ताजा बढ़ोतरी की मुख्य वजह खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में आया उछाल है। आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में खाद्य महंगाई दर बढ़कर 4.20% हो गई, जो मार्च में 3.87% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 3.63% से बढ़कर 3.74% हो गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.11% से बढ़कर 3.16% पर पहुंच गई है।
यह नए बेस ईयर (2024) के आधार पर जारी किया गया तीसरा महंगाई आंकड़ा है। सरकार ने आधुनिक जीवनशैली को देखते हुए 'महंगाई बास्केट' में बड़े बदलाव किए हैं। खाने-पीने की चीजों का वेटेज 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है। वहीं, हाउसिंग, बिजली और गैस के वेटेज में बढ़ोतरी की गई है। पुराने हो चुके सामान जैसे वीसीआर और ऑडियो कैसेट को लिस्ट से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब OTT सब्सक्रिप्शन और डिजिटल स्टोरेज जैसे आधुनिक खर्चों को महंगाई मापने के लिए शामिल किया गया है।
महंगाई दर की गणना साल-दर-साल (YoY) आधार पर की जाती है। इसका मतलब है कि अप्रैल 2026 के खर्चों की तुलना अप्रैल 2025 से की जा रही है। सरल शब्दों में कहें तो, जो सामान पिछले साल अप्रैल में ₹100 का मिलता था, वही अब औसतन ₹103.48 का हो गया है। यह एक औसत आंकड़ा है जिसमें सैकड़ों वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में हुए उतार-चढ़ाव को शामिल किया जाता है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।