भारत और ईरान के बीच बड़ी डील! विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अराघची के बीच बातचीत के बाद भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता देने पर सहमति बनी है।
By: Star News
Mar 12, 202610:47 AM
नई दिल्ली/तेहरान। स्टार समाचार वेब
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच भारत ने अपने समुद्री हितों को सुरक्षित कर लिया है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच हुई फोन कॉल में भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर एक महत्वपूर्ण सहमति बनी है।
हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट में कई व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया था, जिससे भारतीय आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ईरानी समकक्ष से संपर्क किया।
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान ईरान ने आश्वासन दिया है कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों और भारतीय क्रू सदस्यों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा। ईरान ने भारत को एक 'मित्र राष्ट्र' और रणनीतिक साझेदार मानते हुए यह रियायत दी है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि:
भारत का कच्चा तेल (Crude Oil) और एलएनजी (LNG) आयात इसी मार्ग से होता है।
खाड़ी देशों के साथ भारत का अधिकांश व्यापार इसी समुद्री रास्ते पर निर्भर है।
भारतीय नौसेना (Indian Navy) पहले से ही इस क्षेत्र में 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत मुस्तैद है।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने स्पष्ट किया कि उनका निशाना केवल इजराइल और उसके सहयोगियों से जुड़े जहाज हैं। भारत के साथ हुए इस समझौते से यह संदेश गया है कि ईरान भारत के साथ अपने ऐतिहासिक और व्यापारिक संबंधों को युद्ध के कारण प्रभावित नहीं होने देना चाहता। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जा रही हैं।