पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार धराशायी। जानें सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के 5 बड़े कारण और निवेशकों पर इसका असर।

बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
सोमवार की सुबह भारतीय निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने की तरह रही। पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते युद्ध के बाद वैश्विक बाजारों में मचे हड़कंप का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 2,320 अंक गिरकर 76,598 पर आ गया, वहीं निफ्टी में 700 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस सुनामी में निवेशकों की करीब 12 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति पल भर में साफ हो गई। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जबकि रुपया भी कमजोर होकर 92.25 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
ईरान-इजराइल युद्ध और कड़ा रुख
युद्ध की स्थिति तब और गंभीर हो गई जब इजराइल ने ईरान के तेल डिपो को निशाना बनाया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयानों और ईरान से 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' की मांग ने आग में घी का काम किया है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे 'पैनिक सेलिंग' (घबराहट में बिकवाली) शुरू हो गई।
कच्चे तेल में 'आग' और सप्लाई चैन का संकट
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई रुकने की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 24% तक का उछाल आया है। कच्चे तेल के दाम $114 प्रति बैरल के पार चले गए हैं। कतर की इस चेतावनी ने कि तेल $150 तक जा सकता है, दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। भारत के लिए महंगा तेल मतलब उच्च महंगाई और बढ़ता व्यापार घाटा है।
विदेशी निवेशकों (FIIs) का पलायन
भारतीय बाजार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने हाथ खींचना शुरू कर दिया है। पिछले छह दिनों से लगातार बिकवाली जारी है। अकेले शुक्रवार को ही विदेशी निवेशकों ने लगभग 9,459 करोड़ रुपये की निकासी की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने कुछ हद तक बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन विदेशी दबाव के आगे वे बेअसर साबित हुए।
वैश्विक बाजारों में चौतरफा गिरावट
यह संकट केवल भारत तक सीमित नहीं है। जापान का निक्केई (Nikkei) 7.4% तक टूट गया, जो एक ऐतिहासिक गिरावट है। अमेरिका के डाओ फ्यूचर्स और एशियाई बाजारों (हांगकांग, शंघाई) में भी जबरदस्त बिकवाली देखी गई। पूरी दुनिया के निवेशक जोखिम वाली संपत्ति (Equities) से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर भाग रहे हैं।
'फियर इंडेक्स' (India VIX) में भारी उछाल
बाजार में अनिश्चितता और डर का पैमाना 'इंडिया विक्स' (India VIX) 21% बढ़कर 24.04 के स्तर पर पहुंच गया। जब यह इंडेक्स बढ़ता है, तो यह बाजार में बड़ी गिरावट और अस्थिरता का संकेत देता है। पीएसयू बैंक, मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में 3% से 5% तक की गिरावट ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह तोड़ दिया है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ 'रिस्क-ऑफ' (Risk-off) मोड की सलाह दे रहे हैं। जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित निवेश जैसे सोना (Gold) और डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।

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भारतीय घरेलू शेयर बाजार ने आज शुरुआती कारोबार में सामान्य बढ़त के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 49.91 अंक चढ़कर 77,970.95 अंक पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 28 अंक की बढ़त के साथ 24,343.65 अंक पर कारोबार कर रहा था।
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वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के दबाव में आज भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव वाली स्थिति रही। आईटी शेयरों में तेजी और रियल्टी में गिरावट दर्ज की गई। वहीं एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिला-जुला नजर आ रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। समय पर रिटर्न न भरने पर लेट फीस, ब्याज और टैक्स नोटिस का सामना करना पड़ सकता है।
आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स उछलकर कारोबार की शुरुआत की। इसी तरह से निफ्टी भी तेजी के साथ खुलने में कामयाब रहा है। वहीं एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार मिला-जुला रहा।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव रुकने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी-भरकम गिरावट से शेयर बाजार को कल जबरदस्त बूस्ट मिला। आज भी बाजार सीमित दायरे में है। एशियाई बाजारों में मची भारी तबाही से भारतीय शेयर बाजार आज इसलिए बचा रहा क्योंकि कल रातों-रात कच्चे तेल की कीमतों में 8.7 फीसदी तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
वैश्विक बाजार से मिले संकेतों का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी है। वहीं जापान का निक्केई 225 0.3 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में दिखा।
Share Market Today July 24: अमेरिका-ईरान युद्ध से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार, अमेरिका द्वारा 10% टैरिफ लगाने और अमेरिकी-एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन बड़ी गिरावट दर्ज।
आज सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी की चमक अभी भी बरकरार है। जानिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या चल रहे हैं सोने-चांदी के नए भाव।