पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार धराशायी। जानें सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के 5 बड़े कारण और निवेशकों पर इसका असर।
By: Star News
Mar 09, 20261:09 PM
बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
सोमवार की सुबह भारतीय निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने की तरह रही। पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते युद्ध के बाद वैश्विक बाजारों में मचे हड़कंप का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 2,320 अंक गिरकर 76,598 पर आ गया, वहीं निफ्टी में 700 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस सुनामी में निवेशकों की करीब 12 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति पल भर में साफ हो गई। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जबकि रुपया भी कमजोर होकर 92.25 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
ईरान-इजराइल युद्ध और कड़ा रुख
युद्ध की स्थिति तब और गंभीर हो गई जब इजराइल ने ईरान के तेल डिपो को निशाना बनाया। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयानों और ईरान से 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' की मांग ने आग में घी का काम किया है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे 'पैनिक सेलिंग' (घबराहट में बिकवाली) शुरू हो गई।
कच्चे तेल में 'आग' और सप्लाई चैन का संकट
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई रुकने की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 24% तक का उछाल आया है। कच्चे तेल के दाम $114 प्रति बैरल के पार चले गए हैं। कतर की इस चेतावनी ने कि तेल $150 तक जा सकता है, दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। भारत के लिए महंगा तेल मतलब उच्च महंगाई और बढ़ता व्यापार घाटा है।
विदेशी निवेशकों (FIIs) का पलायन
भारतीय बाजार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने हाथ खींचना शुरू कर दिया है। पिछले छह दिनों से लगातार बिकवाली जारी है। अकेले शुक्रवार को ही विदेशी निवेशकों ने लगभग 9,459 करोड़ रुपये की निकासी की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने कुछ हद तक बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन विदेशी दबाव के आगे वे बेअसर साबित हुए।
वैश्विक बाजारों में चौतरफा गिरावट
यह संकट केवल भारत तक सीमित नहीं है। जापान का निक्केई (Nikkei) 7.4% तक टूट गया, जो एक ऐतिहासिक गिरावट है। अमेरिका के डाओ फ्यूचर्स और एशियाई बाजारों (हांगकांग, शंघाई) में भी जबरदस्त बिकवाली देखी गई। पूरी दुनिया के निवेशक जोखिम वाली संपत्ति (Equities) से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर भाग रहे हैं।
'फियर इंडेक्स' (India VIX) में भारी उछाल
बाजार में अनिश्चितता और डर का पैमाना 'इंडिया विक्स' (India VIX) 21% बढ़कर 24.04 के स्तर पर पहुंच गया। जब यह इंडेक्स बढ़ता है, तो यह बाजार में बड़ी गिरावट और अस्थिरता का संकेत देता है। पीएसयू बैंक, मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में 3% से 5% तक की गिरावट ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह तोड़ दिया है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ 'रिस्क-ऑफ' (Risk-off) मोड की सलाह दे रहे हैं। जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित निवेश जैसे सोना (Gold) और डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है।