मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच एक बार फिर संघर्ष बढ़ने के बाद आज शेयर मार्केट की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इरए सेंसेक्स एक फीसदी से ज्यादा गिर गया। बाजार में गिरावट के बीच रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर दिख रहा है।

सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 23200 से फिसला
आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में रही बिकवाली
मुंबई। स्टार समाचार वेब
मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच एक बार फिर संघर्ष बढ़ने के बाद आज शेयर मार्केट की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इरए सेंसेक्स एक फीसदी से ज्यादा गिर गया। बाजार में गिरावट के बीच रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर दिख रहा है। शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे की गिरावट के साथ 95.35 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। दरअसल, भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन बेहद निराशाजनक रहा। वैश्विक स्तर पर नकारात्मक रुझानों और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। कारोबारी सत्र में रिस्क-आॅफ (जोखिम से बचने) के माहौल के बीच प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। इस बिकवाली ने न केवल भारतीय बाजार को अपनी चपेट में लिया, बल्कि एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी भारी उथल-पुथल मचा दी है।
सेंसेक्स, निफ्टी और रुपया का ताजा हाल
सेंसेक्स: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स कारोबार के दौरान 700 से अधिक अंक तक लुढ़क गया। उसके बाद यह 645.51 अंकों (-0.86%) की गिरावट के साथ 73,597.83 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
निफ्टी: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 199.80 अंक (-0.86 फीसदी) टूटकर 23,166.90 पर आ गया। भारी बिकवाली के कारण निफ्टी एक समय 23,150 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे फिसल गया था।
रुपया: सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे गिरकर 95.35 पर आ गया। विदेशी बाजार में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती, मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण रुपये पर दबाव बना रहा।
सेक्टोरल इम्पैक्ट: बाजार का सेक्टोरल दायरा काफी कमजोर रहा और निफ्टी के ज्यादातर इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
सबसे ज्यादा नुकसान: आईटी, रियल्टी, मेटल और आटो सेक्टर में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिससे ये सेक्टर्स सबसे बड़े लूजर साबित हुए।
डिफेंसिव सेक्टर्स का बचाव: इस भारी चौतरफा गिरावट के बीच, फार्मा, हेल्थकेयर, मिडकैप हेल्थकेयर और मीडिया जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स ने अपनी मजबूती दिखाई और मामूली बढ़त के साथ बाजार को थोड़ा सहारा देने की कोशिश की।
ग्लोबल मार्केट्स में मची तबाही
घरेलू बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण विदेशी बाजारों में मची भारी उथल-पुथल है। दुनिया भर के कई प्रमुख शेयर बाजारों में आज भारी गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजार पस्त: जापान के निक्केई 225 फ्यूचर्स में 4.2 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जबकि वहां का टोपिक्स इंडेक्स 2.7 फीसदी गिर गया। इसके अलावा, आस्ट्रेलिया का एसएंडपी/ एक्स 200 फ्यूचर्स 1.4 फीसदी, हांगकांग का हैंग सेंग 1.3 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1 फीसदी टूट गया।
कोरिया और जापान का बाजार करीब 4% टूटा
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 7768 | -375 | -4.49% |
| निक्केई (जापान) | 64040 | -2548 | -3.83% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 24700 | -262 | -1.01% |
यूरोपीय-अमेरिकी बाजार
यूरोपीय बाजारों में भी निराशा है, जहां यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 1.1 फीसदी गिर गया। वहीं, अमेरिकी बाजार के एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा है। कुल मिलाकर शेयर बाजार का मौजूदा रुख बेहद सतर्क बना हुआ है। अलग-अलग सेक्टर्स में चुनिंदा खरीदारी के मुकाबले बाजार में हावी बिकवाली का दबाव कहीं अधिक है। जब तक वैश्विक बाजारों से स्थिरता के संकेत नहीं मिलते, तब तक निवेशकों को अस्थिरता के बीच संभलकर ट्रेड करने की सलाह दी जाती है।
अमेरिका का बाजार भी 4% टूटकर बंद हुआ
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 50867 | -695 | -1.35% |
| नैस्डैक | 25709 | -1122 | -4.18% |
| S&P 500 | 7384 | -201 | -2.64% |


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