इंदौर के तिलक नगर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से हुए अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईआईटी विशेषज्ञों से जांच के आदेश दिए हैं।
By: Ajay Tiwari
Mar 19, 20263:19 PM
इंदौर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के तिलक नगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक हृदय विदारक हादसा हो गया। सुख शांति नगर (बृजेश्वरी एनएक्स) में रहने वाले मनोज पुगलिया के घर में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट ने देखते ही देखते आठ जिंदगियां लील लीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर में खड़ी एक इलेक्ट्रिक कार को रात में चार्जिंग पर लगाया गया था। बुधवार अल सुबह कार में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे निकली एक छोटी सी चिंगारी ने विकराल आग का रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि सो रहे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
आग की तपिश ने घर में रखे एलपीजी सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। सिलेंडर फटने से हुए धमाकों ने स्थिति को और भयावह बना दिया। शोर सुनकर पड़ोसी बाल्टियों में पानी लेकर दौड़ पड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि पास जाना असंभव हो गया।
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि जान गंवाने वाले 8 लोगों में से 6 पुगलिया परिवार के मेहमान थे। ये सभी लोग बिहार से इंदौर के उन्नत चिकित्सा केंद्रों में अपना इलाज कराने आए थे। हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, "सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।" सीएम ने स्पष्ट किया कि घटना की तकनीकी बारीकियों को समझने के लिए आईआईटी (IIT) के विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है। इसके साथ ही, इलेक्ट्रिक व्हीकल डीलरों के साथ भी सुरक्षा मानकों को लेकर बैठक की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस हादसे ने इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और घरों में सुरक्षा मानकों (Fire Safety) को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चार्जिंग पॉइंट्स के पास ज्वलनशील सामग्री का होना और वेंटिलेशन की कमी ऐसे हादसों को घातक बना देती है।