ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के सुल्तान से मुलाकात कर होर्मुज संकट पर चर्चा की। जानें ईरान के नए शांति प्रस्ताव और पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठे विवाद की पूरी जानकारी।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची
मस्कट। स्टार समाचार वेब
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची अपनी तीन देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के दूसरे पड़ाव पर ओमान पहुंचे। पाकिस्तान के दौरे के बाद मस्कट पहुंचे अराघची ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल और विदेश मंत्री सैय्यद बदर बिन हमद अल बुसैदी से मुलाकात की। इस दौरान होर्मुज संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहन चर्चा हुई। ओमान से विदा होकर अराघची अब रूस के लिए रवाना हो गए हैं, जहाँ सोमवार को उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होने की संभावना है।
ओमान के नेतृत्व के साथ हुई बैठक में 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) केंद्र बिंदु रहा। अराघची ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि होर्मुज के तटीय देश होने के नाते ईरान और ओमान की प्राथमिकता सुरक्षित ट्रांजिट सुनिश्चित करना है। वहीं, ओमान के विदेश मंत्री ने 'स्थायी नेविगेशन' की स्वतंत्रता और लंबे समय से बंधक बनाए गए नाविकों की रिहाइश को मानवीय आधार पर जरूरी बताया।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को युद्ध समाप्त करने और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, इस प्रस्ताव की सबसे खास बात यह है कि इसमें परमाणु मुद्दे का कोई जिक्र नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि ईरान ने इस संवेदनशील विषय को अगले चरण की बातचीत के लिए टाल दिया है।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' के अनुसार, यह नया प्रस्ताव बातचीत में जारी गतिरोध को तोड़ने का एक प्रयास है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्थायी समझौते के लिए ईरान को परमाणु हथियार न बनाने की ठोस गारंटी देनी होगी।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही सीजफायर वार्ता में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, लेकिन ईरान के भीतर इसकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ईरान के 'राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग' के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने पाकिस्तान की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए कहा कि पाकिस्तान हमेशा अमेरिकी हितों और ट्रंप की मर्जी का ध्यान रखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मध्यस्थ को बिना किसी भेदभाव के होना चाहिए, जबकि पाकिस्तान का झुकाव स्पष्ट रूप से एक तरफ है।
क्षेत्रीय संघर्ष अब अन्य देशों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। हिजबुल्ला ने दक्षिणी लेबनान के तेल अल नहास में इस्राइली सैन्य वाहनों और सैनिकों को निशाना बनाने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के हमलों के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस्राइल से सैन्य मदद मांगी थी, जिसके बाद इस्राइल ने अपना 'आयरन डोम' एयर डिफेंस सिस्टम और सैनिक यूएई की सुरक्षा के लिए भेजे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को अपनी शीर्ष नीति टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं। ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह ईरान पर 'नेवल ब्लॉकेड' (समुद्री नाकेबंदी) जारी रखना चाहते हैं ताकि तेहरान को आर्थिक रूप से हार मानने पर मजबूर किया जा सके। ट्रंप का मानना है कि तेल निर्यात रुकने से ईरान पर दबाव बढ़ेगा, जिससे वह कड़ी शर्तों पर समझौता करने को तैयार होगा।

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अमेरिका-ईरान के बीच बीते दिन शांति समझौते की घोषणा की गई, लेकिन अब इसमें पेंच फंसता नजर आ रहा है। महीनों से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए ईरान ने जिस भारी भरकम फंड 300 अरब डॉलर की मांग की है, उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत स्लोवाकिया पहुंचे। इस दौरान वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह व्यापार जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। स्विट्जरलैंड में इस डील पर साइन होंगे। इसमें स्ट्रेट आफ होर्मुज को फिर से खोलने और व्यापार फिर से शुरू करने का एलान भी शामिल है। होर्मुज से शिपिंग फिर से शुरू होने या सामान्य होने से भारत को बड़ी राहत मिलेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि रविवार को ईरान के साथ शांति समझौता होगा और यूरेनियम नष्ट किया जाएगा। वहीं ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए होर्मुज स्ट्रेट पर नया टैक्स लगाने के संकेत दिए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीस शहर में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उद्घाटन किया। जानिए स्टार्टअप, AI, और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक को लेकर दोनों देशों के बीच क्या बातचीत हुई।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और निर्यात नियंत्रण के तहत AI कंपनी Anthropic के सबसे एडवांस्ड एआई प्रोग्राम्स तक विदेशी नागरिकों के एक्सेस पर रोक लगा दी है, जिसके बाद Fable 5 और Mythos 5 मॉडल्स बंद कर दिए गए हैं।
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