ईरान ने पहली बार स्वीकार किया है कि सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई एक बमबारी में जख्मी हुए थे। जानें उनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर आधिकारिक बयान।

ईरान। स्टार समाचार वेब
ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी कयासों के बीच ईरान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-प्रमुख अयातुल्ला मोहसिन कोमी ने पश्चिमी देशों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खामेनेई के बारे में फैलाई जा रही मौत या गंभीर बीमारी की खबरें दुश्मनों की एक सोची-समझी साजिश है, जिसका उद्देश्य ईरान के सुरक्षा तंत्र में सेंध लगाना है।
FARS न्यूज एजेंसी के अनुसार, अयातुल्ला कोमी ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि मुज्तबा खामेनेई उस इमारत में मौजूद थे, जिस पर बमबारी की गई थी। उन्होंने इस घटना को किसी करिश्मे से कम नहीं बताया। कोमी के मुताबिक, धमाके से महज कुछ मिनट पहले खामेनेई इमारत से निकलकर आंगन की ओर चले गए थे। हालांकि उस हमले में कई लोग शहीद हो गए, लेकिन खुदा की मर्जी से वे सुरक्षित रहे। उन्होंने माना कि उस दौरान सर्वोच्च नेता को कुछ चोटें जरूर आईं, लेकिन अब वे खतरे से बाहर हैं।
ईरानी प्रशासन ने शिया समुदाय और देश की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा है कि मुज्तबा खामेनेई 'धरती पर खुदा का सबूत' हैं और उन्हें एक 'खजाने' की तरह सुरक्षित रखा गया है। कोमी ने कहा कि वर्तमान में ईरान के लिए सबसे अहम मुद्दा उनकी सुरक्षा और पूर्ण स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि दुश्मन जानबूझकर उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने पर सवाल उठा रहे हैं ताकि वे ईरान को सुरक्षा चूक करने पर मजबूर कर सकें।
ईरान ने दावा किया है कि अस्पताल में उपचार और चोटों के बावजूद मुज्तबा खामेनेई प्रशासनिक और रणनीतिक कार्यों से पीछे नहीं हटे हैं। अयातुल्ला कोमी के अनुसार, वे देश के अहम मामलों का नेतृत्व कर रहे हैं और जमीनी अभियानों की सीधी निगरानी कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ईरान की वार्ता टीम को भविष्य की परिस्थितियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जो उनकी सक्रियता का प्रमाण है।
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