इजराइल-अमेरिका और ईरान युद्ध के तीसरे दिन ईरान ने साइप्रस में ब्रिटिश एयरबेस और मिडल-ईस्ट में 6 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। खामेनेई की मौत के बाद तेहरान और यरुशलम में भारी तबाही।
By: Star News
Mar 02, 20264:38 PM
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध अब क्षेत्रीय सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल गया है। आज जंग के तीसरे दिन ईरान ने साइप्रस स्थित ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) के 'अक्रोटिरी बेस' को निशाना बनाया। रविवार देर रात हुए इस ड्रोन हमले में बेस को मामूली नुकसान पहुँचा है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा अमेरिकी विमानों को ईरानी मिसाइल साइट्स पर हमले के लिए इस बेस के इस्तेमाल की अनुमति देने के बाद ईरान ने यह जवाबी कार्रवाई की है। इसके बाद साइप्रस में फिर से सायरन बजने लगे हैं और ब्रिटिश सेना हाई अलर्ट पर है।
मिडल-ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर प्रहार
ईरान ने सोमवार को आक्रामक रुख अपनाते हुए मिडल-ईस्ट के चार देशों (बहरीन, इराक, UAE और कुवैत) में स्थित 6 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए। कुवैत से विचलित करने वाली खबरें आ रही हैं, जहाँ ईरान के हमलों के बीच अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों और फुटेज के अनुसार, ये जेट हवा में अनियंत्रित होकर गोल-गोल घूमने लगे और फिर जमीन पर गिरकर तबाह हो गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में फिलहाल किसी की जान जाने की खबर नहीं है।
ईरान में मौत का तांडव और मानवीय संकट
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 30 घंटों में अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों पर लगभग 2000 बम बरसाए हैं। इस भीषण बमबारी में अब तक 555 लोगों की मौत हो चुकी है और 740 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। युद्ध की सबसे हृदयविदारक घटना एक स्कूल पर मिसाइल गिरने की रही, जिसमें 180 छात्राओं की मौके पर ही मौत हो गई। गौरतलब है कि 28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन इजरायली हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ईरान प्रतिशोध की आग में जल रहा है।
कूटनीतिक गतिरोध और रणनीतिक हमले
जंग के बीच कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद नजर आ रहे हैं। ईरान के टॉप सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा, जबकि विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बातचीत का विकल्प खुला रखने की बात कही है। दूसरी ओर, इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के खुफिया मंत्रालय के दो बड़े अधिकारियों (डिप्टी मिनिस्टर सैयद यह्या हमीदी और जासूसी प्रमुख जलाल पोर हुसैन) को एयर स्ट्राइक में मार गिराया है। ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि उसकी 'नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी' पर हमला हुआ है, हालांकि UN की परमाणु एजेंसी IAEA ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
तेल संकट और आर्थिक प्रभाव
ईरान ने आर्थिक चोट पहुँचाने के उद्देश्य से सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी 'रास तनूरा' पर ड्रोन हमला किया, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई और रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। कतर के एनर्जी प्लांट्स और वॉटर स्टोरेज टैंक्स को भी मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। इन हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर गहरे संकट के बादल मंडरा दिए हैं। तेहरान से लेकर यरुशलम तक, हर तरफ मलबे और तबाही का मंजर है।