जबलपुर में NSUI कार्यकर्ताओं ने अवैध स्कूलों और छात्रसंघ चुनाव जैसी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पुलिस लाठीचार्ज में कई छात्र घायल, 20 गिरफ्तार।

हाइलाइट्स
जबलपुर। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में सोमवार को छात्र राजनीति गरमा गई। एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा के व्यवसायीकरण और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर टाउन हॉल से कलेक्ट्रेट तक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान घंटाघर के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जबरदस्त झड़प हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में छात्र नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। पुलिस ने घंटाघर के पास भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब जोश से भरे कार्यकर्ता बैरिकेड लांघकर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इस भगदड़ और खींचतान में कुछ कार्यकर्ताओं को मामूली चोटें आईं, वहीं सड़क पर छात्रों के जूते-चप्पल बिखरे नजर आए। सीएसपी सोनू कुर्मी के अनुसार, स्थिति को देखते हुए लगभग 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है।
NSUI ने इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन के सामने अपनी 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं:
अवैध स्कूलों पर तालाबंदी: कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिले में कई स्कूल बिना अनुमति के किराए की इमारतों में संचालित हो रहे हैं। इनकी पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
छात्रसंघ चुनाव: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लंबे समय से लंबित छात्रसंघ चुनावों को जल्द कराने की मांग उठाई गई।
शिक्षा का व्यवसायीकरण: निजी संस्थानों द्वारा की जा रही अवैध वसूली और भारी भरकम फीस पर लगाम लगाने की अपील की गई।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जांच: सरकारी नौकरियों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कार्यरत लोगों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।
शराब दुकानों का विरोध: शिक्षण संस्थानों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास से शराब दुकानों को हटाने की पुरजोर मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि छात्रों को रेल और सरकारी बसों के किराए में उचित रियायत दी जानी चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में सुगमता हो।

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