महाराष्ट्र में प्याज की कीमतें ₹1/किलो से नीचे गिरने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। अब NAFED और NCCF सीधे किसानों से 10 लाख टन तक प्याज खरीदेंगे और निर्यात पर कोई बैन नहीं लगेगा। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

नई दिल्ली/मुंबई। स्टार समाचार वेब
महाराष्ट्र में कौड़ियों के दाम प्याज बेचने को मजबूर किसानों के लिए आखिरकार एक अच्छी खबर आई है। संभाजीनगर, नासिक, बीड और पुणे सहित राज्य के प्रमुख प्याज उत्पादक जिलों में गिरती कीमतों से बेहाल किसानों के आंसू पोंछने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
हाल ही में महाराष्ट्र के किसानों को प्याज की कीमत ₹1 प्रति किलो से भी कम (कटौती के बाद करीब 50 पैसे प्रति किलो) मिली थी, जबकि इसकी लागत ही कम से कम ₹20 प्रति किलो आती है। इस भारी नुकसान और किसानों की बढ़ती नाराजगी के बाद, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में प्याज और गन्ना किसानों के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
महाराष्ट्र के नासिक और संभाजीनगर जैसे बड़े प्याज गढ़ों में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई थी। लागत ₹20 किलो होने के बावजूद मंडियों में किसानों को ₹1 किलो से भी कम का भाव मिल रहा था। कई मामलों में तो टैक्स और कटौतियों के बाद किसानों के हाथ में महज 50 पैसे प्रति किलो ही आ रहे थे। इस आर्थिक मार से नाराज किसानों ने राज्यभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार तुरंत एक्शन में आई।
किसानों के इस गंभीर संकट को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ विशेष बैठक की। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी भी मौजूद रहे। बैठक में महाराष्ट्र के चीनी सहकारी क्षेत्र (Sugarcane) और प्याज किसानों की समस्याओं, मूल्य निर्धारण, इथेनॉल आवंटन और खरीद सुधारों पर केंद्र से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी साझा की। केंद्र सरकार ने प्याज की सीधी खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब NAFED (नेफेड) और NCCF मंडियों में बिचौलियों या व्यापारियों के बजाय सीधे किसानों से प्याज की खरीद करेंगे। इससे किसानों को उनके उत्पाद का सही और पारदर्शी मूल्य मिल सकेगा।
किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए सरकार खरीद का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि केंद्र सरकार प्याज की कुल खरीद को 2 लाख टन से बढ़ाकर सीधे 10 लाख टन करने का बड़ा फैसला ले सकती है। इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी खरीद होने से खुले बाजार में प्याज की कीमतों में सुधार होना तय है।
किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार का फायदा मिल सके, इसके लिए केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि प्याज के निर्यात (Export) पर कोई प्रतिबंध या अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसके विपरीत, देश में प्याज के बीजों की कमी न हो और जमाखोरी रुके, इसके लिए प्याज के बीजों के बड़े पैमाने पर होने वाले निर्यात पर भारी निर्यात शुल्क (Export Duty) लगाने की मांग को मान लिया गया है।

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भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को जोरदार शुरुआत की पर फिर बिकवाली हावी हो गई। प्रीओपनिंग के दौरान प्रमुख सूचकांकों में तेजी देखी गई। निवेशकों के चेहरे पर शुरुआती खुशी दिखी, लेकिन फिर सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखे।
आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर कारोबार करते दिखे। तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को बड़ा सहारा दिया। ईरान ने ओमान के साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन पर बातचीत फिर से शुरू की है।
आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले। अमेरिका द्वारा ईरान पर कड़े द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कच्चे तेल के दाम स्थिर रहे। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई थी।
त्योहारी सीजन से ठीक पहले चीनी की बेलगाम होती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कच्ची चीनी के आयात नियमों में संशोधन करते हुए आयातकों के लिए 2 महीने के भीतर रिफाइनिंग और बिक्री को अनिवार्य कर दिया है।
आज सोना महंगा हुआ है तो वहीं, चांदी के रेट गिर ही गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के अनुसार, 24 कैरेट सोने का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 0.67 फीसदी बढ़कर यानी 1087 रुपए तेजी के साथ 1,63,525 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
आज हफ्ते का पहला दिन है और सावन का आखिरी सोमवार भी है। इस दौरान शेयर बाजार में भी जबरदस्त हरियाली छाई हुई है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स में कारोबार की शुरुआत 88 अंकों की बढ़त के साथ हुई। वहीं, निफ्टी 33 अंक उछलकर 24000 के पार चल गया।
केंद्र सरकार ने नियमों का पालन न करने पर कई प्रमुख फूड ब्रांड्स और रिटेल चेन के खिलाफ हाल के महीनों में करीब 150 नोटिस जारी किए हैं। भारत की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था एफएसएसएआई ने ये नोटिस भ्रामक विज्ञापनों, झूठे दावों और लेबल से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर दिए हैं।
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