इजरायल-ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में उबाल। 2022 के बाद पहली बार कच्चा तेल $100 के पार। जानें पाकिस्तान, बांग्लादेश और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके गंभीर परिणाम।

बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की भीषण स्थिति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। साल 2022 के बाद यह पहली बार है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं। इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सीधे टकराव ने तेल आपूर्ति चैन (Supply Chain) को बाधित करने का डर पैदा कर दिया है, जिसके कारण कमोडिटी मार्केट में अफरा-तफरी का माहौल है। निवेशकों को डर है कि यदि यह संघर्ष होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे प्रमुख व्यापारिक मार्गों तक फैला, तो तेल की कीमतें बेकाबू हो सकती हैं।

पड़ोसी देशों में आर्थिक हाहाकार
तेल की इन आसमान छूती कीमतों का सबसे विनाशकारी प्रभाव दक्षिण एशियाई देशों, विशेषकर पाकिस्तान और बांग्लादेश पर पड़ता दिख रहा है। ये दोनों देश पहले से ही विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और उच्च मुद्रास्फीति (Inflation) से जूझ रहे हैं। कच्चे तेल के महंगे होने से इन देशों में पेट्रोल, डीजल और बिजली की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने की आशंका है। पाकिस्तान में जहां आर्थिक अस्थिरता ने पहले ही आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं तेल का यह झटका वहां की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह चरमरा सकता है। बांग्लादेश में भी परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे वहां मानवीय संकट गहरा सकता है।
भारत और शेष विश्व पर प्रभाव
कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल केवल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत सहित पूरी दुनिया की विकास दर को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में $100 के ऊपर का भाव देश के चालू खाता घाटे (CAD) को बढ़ा सकता है और घरेलू बाजार में महंगाई को हवा दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध का दायरा और बढ़ा, तो वैश्विक स्तर पर 'स्टैगफ्लेशन' (Stagflation) जैसी स्थिति बन सकती है, जहाँ विकास दर धीमी हो जाएगी और महंगाई चरम पर होगी। फिलहाल दुनिया भर की नजरें ओपेक (OPEC) देशों के रुख और युद्ध विराम की कूटनीतिक कोशिशों पर टिकी हैं।
भारतीय रेलवे ने ट्रेन में तय सीमा से अधिक सामान ले जाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग सेवा शुरू कर दी है। अब पार्सल ऑफिस में लाइन लगाने की जरूरत नहीं, जानिए पूरी प्रक्रिया, शुल्क और नियम।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार ने आज शुरुआती कारोबार में सामान्य बढ़त के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 49.91 अंक चढ़कर 77,970.95 अंक पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 28 अंक की बढ़त के साथ 24,343.65 अंक पर कारोबार कर रहा था।
अगस्त 2026 में बैंक छुट्टियों की पूरी जानकारी यहाँ देखें। त्योहारों, स्वतंत्रता दिवस, रविवार और शनिवार के वीकेंड पर किस राज्य में कब बंद रहेंगे बैंक
वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के दबाव में आज भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव वाली स्थिति रही। आईटी शेयरों में तेजी और रियल्टी में गिरावट दर्ज की गई। वहीं एशियाई बाजारों में कारोबार का रुख मिला-जुला नजर आ रहा है।
वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। समय पर रिटर्न न भरने पर लेट फीस, ब्याज और टैक्स नोटिस का सामना करना पड़ सकता है।
आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स उछलकर कारोबार की शुरुआत की। इसी तरह से निफ्टी भी तेजी के साथ खुलने में कामयाब रहा है। वहीं एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार मिला-जुला रहा।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव रुकने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी-भरकम गिरावट से शेयर बाजार को कल जबरदस्त बूस्ट मिला। आज भी बाजार सीमित दायरे में है। एशियाई बाजारों में मची भारी तबाही से भारतीय शेयर बाजार आज इसलिए बचा रहा क्योंकि कल रातों-रात कच्चे तेल की कीमतों में 8.7 फीसदी तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
वैश्विक बाजार से मिले संकेतों का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेजी है। वहीं जापान का निक्केई 225 0.3 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में दिखा।
Share Market Today July 24: अमेरिका-ईरान युद्ध से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार, अमेरिका द्वारा 10% टैरिफ लगाने और अमेरिकी-एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन बड़ी गिरावट दर्ज।
आज सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी की चमक अभी भी बरकरार है। जानिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या चल रहे हैं सोने-चांदी के नए भाव।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह