मध्य प्रदेश में सभी नर्सिंग कॉलेजों का 30 जून, 2025 तक फिजिकल सत्यापन होगा। CBI जांच में फेल और अपात्र कॉलेज विशेष रडार पर हैं। इस कदम से राज्य में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है, क्योंकि कई कॉलेजों पर नियमों के उल्लंघन और सुविधाओं की कमी के आरोप हैं।

भोपाल. स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों को लेकर चल रहे विवादों के बीच, राज्य सरकार ने अब सभी नर्सिंग कॉलेजों के फिजिकल सत्यापन (भौतिक सत्यापन) का आदेश दिया है। इस जांच प्रक्रिया को 30 जून, 2025 तक पूरा करना होगा। इस अभियान में उन कॉलेजों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जो केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में फेल हुए थे, साथ ही वे कॉलेज भी रडार पर हैं जिन्हें अपात्र (Ineligible) पाया गया है।
राज्य के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, फिजिकल सत्यापन टीम कॉलेज परिसरों का दौरा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उनके पास छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं, संकाय, प्रयोगशालाएं और अन्य बुनियादी ढाँचा मौजूद है या नहीं। इस प्रक्रिया में CBI की पिछली जांच में सामने आई कमियों को भी प्राथमिकता से परखा जाएगा।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस सत्यापन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल योग्य और मानदंडों को पूरा करने वाले कॉलेज ही संचालित हों। वे कॉलेज जो जांच में विफल पाए जाएंगे या जिनके पास पर्याप्त सुविधाएं नहीं होंगी, उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है या उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस कदम से प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता और मान्यता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ समय से कई नर्सिंग कॉलेजों पर नियमों का उल्लंघन करने और आवश्यक बुनियादी ढाँचे और सुविधाओं के बिना संचालित होने के आरोप लग रहे थे।

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