संसद में छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी। राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सरकार से विचार करने को कहा, जबकि किरेन रिजिजू और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

सभापति ने कहा- गृह मंत्री के बयान पर विचार करे केन्द्र
संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों का हंगामा लगातार जारी है। विपक्ष लगातार यह मांग कर रहा है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं और इस पूरे मसले पर अपना आधिकारिक बयान दें। विपक्ष की इस ज़ोरदार मांग के बीच, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह सदन में गृह मंत्री की मौजूदगी के अनुरोध पर गंभीरता से विचार करे।
गुरुवार को कार्यवाही के दौरान राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से कहा- “मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप गृह मंत्री के सदन में आने के निवेदन पर विचार करें। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर आप विपक्ष की भावनाओं से गृह मंत्री को अवगत करा सकते हैं।” सभापति के इस निर्देश के बाद सदन में राजनीतिक सरगर्मी और अधिक बढ़ गई, क्योंकि विपक्ष अपनी बात पर पूरी तरह अड़ा हुआ था।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बार-बार एक ही मुद्दा उठाने पर कड़ी आपत्ति जताई। अपनी बात को पुख्ता करने के लिए रिजिजू ने सदन के दो प्रमुख नियमों का हवाला दिया।
नियम 235: इस नियम के तहत विपक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही में डाली जा रही रुकावटों को रोकने की मांग की गई।
नियम 240: यह नियम सदन में बेमतलब की बातों, बाधाओं या बार-बार एक ही बात के दोहराव (Repetition) से संबंधित है।
नियमों की कॉपी पढ़कर सुनाते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे अपनी ही बात को हर रोज़ दोहरा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “खड़गे जी हर दिन वही बात पढ़ते हैं, वही बात कहते हैं; विपक्ष के हमारे नेता पर यह नियम लागू होता है।”
शून्य काल के दौरान राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन ने मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी बात रखने की अनुमति दी, लेकिन इसके तुरंत बाद सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े हो गए और इस पर कड़ा विरोध जताने लगे। बढ़ते हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर तक के लिए स्थगित करना पड़ा। जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो चेयरमैन ने मल्लिकार्जुन खड़गे को किरेन रिजिजू की आपत्तियों का जवाब देने का मौका दिया। जवाब देते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया और कहा कि उन्हें किरेन रिजिजू से यह सीखने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है कि सदन में क्या कहा जाना चाहिए।
खड़गे ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि क्या कहना है, कब कहना है और कैसे कहना है, यह तय करना पूरी तरह से उनका और विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा का भी पुरजोर बचाव किया। दरअसल, किरेन रिजिजू ने सदन के बाहर या अंदर नारेबाजी को लेकर पवन खेड़ा की तीखी आलोचना की थी।
विपक्ष के रुख को स्पष्ट करते हुए खड़गे ने कहा- “हमने देश और 140 करोड़ देशवासियों से जुड़े हुए बेहद अहम सवाल उठाए हैं। हम कोई अनोखी मांग नहीं कर रहे, बल्कि सिर्फ यह कह रहे हैं कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री यहां आएं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप गृह मंत्री को यहां आकर बयान देने का निर्देश दें, हम हर मुद्दे पर खुली चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
संसद में छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी। राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सरकार से विचार करने को कहा, जबकि किरेन रिजिजू और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने तहलका के संस्थापक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल के कारावास और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को अंतरिम जमानत देने से किया इनकार, लेकिन स्वास्थ्य को देखते हुए अपनी पसंद का केयरटेकर रखने की दी अनुमति। जानिए 2013 के इस मामले से जुड़ी पूरी अपडेट।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत आज दुनिया के सबसे बड़े युवा नेतृत्व वाले सम्मेलनों में से एक में भाग लेंगे, जहां वे नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और विश्व को एकजुट करने में भारत की भूमिका पर जेन जी और जेन अल्फा से संवाद करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के 'यौम-ए-इस्तेहसाल' को खारिज कर दिया है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के विकास, पीओजेके में मानवाधिकारों के हनन और भारत की सख्त चेतावनी के बारे में विस्तार से पढ़ें।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भारत में सीएसएएम, डीपफेक कंटेंट और ऑपरेशनल कमियों को लेकर माफी मांगी है। जानें क्या है पूरा मामला और पीएम मोदी का वीडियो हटाने के विवाद पर क्या है संसदीय समिति का रुख।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में चुने गए और पार्टी में शामिल हुए 37 राज्यसभा सांसदों के साथ अपने आवास पर नाश्ते पर बैठक की। इस दौरान उन्होंने संसद की गरिमा, लाइब्रेरी के उपयोग और युवाओं से जुड़ने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के हालिया प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी विवाद पर सुनवाई करते हुए कहा कि युवाओं से निपटने में सख्ती नहीं बल्कि संयम और उनकी बात सुनना जरूरी है। जानिए पूरी खबर।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके परिवार से जुड़े डीपफेक, मानहानिकारक और एआई-जनरेटेड फर्जी कंटेंट को तुरंत हटाने का अंतरिम आदेश दिया है।
परिसीमन बिल को लेकर 16 से 18 अगस्त तक संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की, जबकि विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह