रीवा में देहदान करने वाले रामकरण गुप्ता को प्रदेश सरकार के निर्णय के तहत दधीचि सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मेडिकल छात्रों के लिए उनका देहदान प्रेरणा बना।
By: Star News
Jan 03, 20261:41 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
लगभग दो माह पहले प्रदेश सरकार द्वारा एक निर्णय लिया गया था जिसके मुताबिक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले छात्रों की सुविधा के लिए देहदान करने वाले व्यक्तियों को दधीचि सम्मान के साथ सम्मानित करते हुए उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। शुक्रवार को रामकरण गुप्ता की देहदान पर पहली बार गार्ड ऑफ ऑनर का आयोजन हुआ। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ प्रशासन व रेडक्रॉस के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।
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जानकारी के अनुसार स्वागत भवन स्थित वृद्धाश्रम में पिछले 12 वर्षों से रामकरण गुप्ता निवासरत थे। जिनका 2 जनवरी को सुबह दु:खद निधन हो गया। उल्लेखनीय है कि श्री गुप्ता की पार्थिव देह को रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन डॉ. प्रभाकर चतुर्वेदी ने श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को सौंपा। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा दधीचि सम्मान के तौर स्व. गुप्ता को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। श्री गुप्ता गत 12 वर्षों से रेडक्रास सोसायटी द्वारा संचालित पितामह सदन वृद्धाश्रम में निवासरत रहे। पार्थिव देह को सौंपे जाने के समय सचिव राजेन्द्र पाण्डेय सहित अर्जुन सिंह परमार, डॉ. सुशील त्रिपाठी, डॉ. अजीत सिंह, पीयूष मिश्रा, डॉ. रघुवेन्द्र सिंह, दीपक गुप्ता, विनोद गुप्ता एवं मेडिकल कालेज के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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भोपाल से बेटी ने किया था संपर्क
बताया जा रहा है कि वृद्धाश्रम में निवासरत रामकरण गुप्ता की धर्मपत्नी का निधन कई वर्षों पूर्व हो चुका है। वहीं एक मानसिक दिव्यांग पुत्र भी परलोक सिधार चुका है। उनके परिवार में एकमात्र पुत्री है जो वर्तमान समय पर भोपाल में निवासरत है। पिता की बिगड़ी तबियत के बाद पुत्री ने रेडक्रॉस सोसायटी से संपर्क कर अपने पिता की देहदान की इच्छा जाहिर करते हुए पत्र लिखा था। जिसके बाद रेडक्रॉस चेयरमैन द्वारा इसे वरीयता दी गई और देहदान की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।