रूस ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के अधिकार का समर्थन किया है। वहीं लेबनान में इस्राइली हमलों से तनाव बढ़ा और ईरान ने जहाजों पर 'रियाल' में टोल लगाने का प्रस्ताव दिया है।

तेहरान। स्टार समाचार वेब
संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने ईरान के रणनीतिक हितों का पुरजोर समर्थन किया है। नेबेंजिया ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा खतरों की स्थिति में ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण रखने और समुद्री यातायात को विनियमित करने का संप्रभु अधिकार है। उन्होंने पश्चिमी देशों की आलोचना करते हुए उनकी नीतियों को "समुद्री डकैती" के समान बताया और आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उपयोग केवल अपने स्वार्थों को सिद्ध करने के लिए कर रहे हैं।
ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तालेई-निक ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वाशिंगटन अब विश्व पर अपनी नीतियां थोपने की ताकत खो चुका है। ईरान के अनुसार, एक नई वैश्विक व्यवस्था उभर रही है जहाँ स्वतंत्र राष्ट्र अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका को अपनी "अवैध और अव्यावहारिक" मांगों को अब त्यागना होगा।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले विदेशी जहाजों पर 'रियाल' (ईरानी मुद्रा) में टोल वसूलने के लिए 11 सूत्रीय विधायी प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के तहत इस्राइल और अन्य "शत्रु देशों" से जुड़े जहाजों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। ईरान का तर्क है कि इस टोल से प्राप्त राशि का उपयोग उन आर्थिक नुकसानों की भरपाई के लिए किया जाएगा, जो विदेशी प्रतिबंधों और फ्रीज किए गए फंड्स के कारण हुए हैं।
मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें लेबनान तक पहुँच चुकी हैं। इस्राइल ने लितानी नदी के उत्तरी क्षेत्रों में भीषण हवाई हमले किए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर विस्थापन शुरू हो गया है। नबातिया और सिडोन को बेरूत से जोड़ने वाले राजमार्गों पर शरणार्थियों की भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम देखा जा रहा है, क्योंकि लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में दक्षिण लेबनान छोड़ रहे हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में रूस के साथ हुई वार्ताओं को "अत्यंत सकारात्मक" करार दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के बीच तेहरान और मॉस्को के बीच रणनीतिक संबंध और अधिक गहरे हुए हैं। अराघची ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि दोनों देश आपसी सहयोग और सुरक्षा चिंताओं पर एकमत हैं।
रूस ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के अधिकार का समर्थन किया है। वहीं लेबनान में इस्राइली हमलों से तनाव बढ़ा और ईरान ने जहाजों पर 'रियाल' में टोल लगाने का प्रस्ताव दिया है।
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के बाहर दो ट्रेनों की टक्कर हो गई, जिसमें 14 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे में 84 अन्य घायल भी हुए हैं। सरकारी रेल कंपनी के प्रवक्ता फ्रानोटो विबोवो ने घटनास्थल पर बताया कि अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि 14 पीड़ितों की मौत हो गई है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के सुल्तान से मुलाकात कर होर्मुज संकट पर चर्चा की। जानें ईरान के नए शांति प्रस्ताव और पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठे विवाद की पूरी जानकारी।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच ईरान के एक नेता ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन स्थित मशहूर हिल्टन होटल में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन के वार्षिक रात्रिभोज के दौरान अचानक गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं।
मिडिल ईस्ट में जारी सीजफायर के बीच, आज यानी शनिवार को ईरान और अमेरिका, पाकिस्तान में दूसरे दौर की शांति वार्ता के लिए तैयार हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप दूसरे दौर की वार्ता के लिए अपने दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को भेज रहे हैं।
ईरान के स्पीकर कालीबाफ ने अमेरिका के साथ युद्धविराम को ठुकराया। जानें क्यों रद्द हुई 20 हजार उड़ानें और होर्मुज में जहाजों की जब्ती से उपजे संकट की पूरी कहानी।
वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास की प्रदर्शनी में 2025 के पहलगाम हमले और मुंबई हमलों के पीड़ितों को याद किया गया। इस दौरान अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश जैसे आतंकी समूहों पर कार्रवाई की मांग की।
ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमला कर उन्हें जब्त किया। ट्रंप के सीजफायर के बावजूद नाकेबंदी से नाराज ईरान ने शांति वार्ता से इनकार किया है। जानें वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर।
नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने वित्तीय निवेशों पर उठे विवाद के बाद इस्तीफा दे दिया। पीएम बालेन शाह की सरकार में सुशासन और पारदर्शिता को लेकर उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया है।

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