सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के बीच हुए नए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते से भू-राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। जानिए इस समझौते की मुख्य बातें और भारत की प्रतिक्रिया।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए ने मिलकर एक नए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक समझौते के तहत यह प्रावधान किया गया है कि यदि इनमें से किसी भी एक देश पर सशस्त्र हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हुआ हमला माना जाएगा। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर भारत ने भी अपनी पैनी नजर बनाए रखी है।
इस त्रिपक्षीय समझौते की खबरों के सामने आने के बाद भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है और स्थिति के अनुसार आगे भी अपडेट साझा करता रहेगा।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता तीनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों, भाईचारे, इस्लामी एकजुटता और साझा रणनीतिक हितों पर आधारित है।
सामूहिक सुरक्षा: तीनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य किसी भी आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
क्षेत्रीय स्थिरता: पाकिस्तानी मंत्रालय ने इसे क्षेत्र और उसके बाहर शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता बताया है।
रक्षात्मक प्रकृति: तुर्किए के एक अधिकारी ने साफ किया है कि यह समझौता पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका मकसद किसी विशिष्ट देश को निशाना बनाना नहीं है। इसमें भविष्य में क्षेत्र के अन्य देश भी शामिल हो सकते हैं।
सऊदी अरब स्थित 'गल्फ रिसर्च सेंटर' के चेयरमैन अब्दुलअजीज सागर ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि इस शिखर सम्मेलन का राजनीतिक महत्व बहुत अधिक है। अनिश्चितता के इस दौर में मुस्लिम दुनिया के तीन प्रभावशाली देशों का एक साथ आना क्षेत्रीय ताकतों के बीच सुरक्षा तालमेल की बढ़ती इच्छा को दर्शाता है। यदि इसे ठोस सहयोग में बदला जाता है, तो यह त्रिपक्षीय ढांचा तीनों देशों की कूटनीतिक और रक्षात्मक ताकत को काफी बढ़ा सकता है।
इस साझेदारी में सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान अपनी-अपनी विशिष्ट सामरिक ताकतें लेकर आए हैं....
तुर्किए: इसके पास नाटो (NATO) गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी सेना है।
सऊदी अरब: यह दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में शामिल है और इस्लाम के पवित्र स्थलों का संरक्षक है।
पाकिस्तान: यह एकमात्र ऐसा मुस्लिम-बहुल देश है जिसके पास परमाणु हथियार मौजूद हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिवसीय योजना का प्रस्ताव रखा है।
व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मतभेदों के बीच अमेरिका और चीन के रिश्तों में एक सकारात्मक नरमी देखने को मिली है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में बेहद गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई। इस अवसर पर ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का राजकीय स्वागत किया ।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दशकों पुराना प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पर स्वागत किया। जानिए इस भव्य स्वागत के कूटनीतिक और आर्थिक मायने।
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों के बीच चल रही तनातनी में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। एक अमेरिकी संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको के पत्रकारों का व्हाइट हाउस प्रवेश तुरंत बहाल करे।
न्यूयॉर्क में UN जनरल असेंबली के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए करीब 3 घंटे बातचीत हुई। डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी और ईरान की शर्तों के साथ पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।
न्यूयॉर्क में UNGA के दौरान भारत और V4 देशों की पहली उच्च स्तरीय बैठक हुई। स्लोवाकिया ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट की चेतावनी, ईरानी एयरलाइंस का अंतरराष्ट्रीय संचालन इस सप्ताह हो सकता है बंद। डॉलर सिस्टम से बाहर करने की धमकी और वैश्विक असर
व्हाइट हाउस ने 24 घंटे का स्ट्रीमिंग चैनल 'TRUMP TV' लॉन्च किया है। दूसरी ओर, मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ सीएनएन और पोलिटिको ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सुधारों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि इटली के स्कूलों में जल्द ही बुर्का और नकाब पहनने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी।
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को पर सैकड़ों ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। राष्ट्रपति पुतिन के लिए यह चुनाव यूक्रेन युद्ध की नीतियों की अग्निपरीक्षा माना जा रहा है।