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भारतीय शेयर बाजार ने तीन दिनों के लंबे वीकेंड के बाद आज (29 जून) सीमित दायरे में कारोबार की शुरुआत की है। वैश्विक स्तर पर उपजे तनाव और अनिश्चितता के चलते बाजार में निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। निफ्टी 50 ने अपने पिछले बंद स्तर 24,056 के मुकाबले 24,061.75 पर शुरुआत की और फिलहाल 24,097 के स्तर पर बना हुआ है। वहीं, सेंसेक्स 77,100.47 के पिछले बंद भाव के मुकाबले 77,055.21 पर खुला, हालाँकि शॉर्ट-कवरिंग के चलते इसमें थोड़ी रिकवरी देखी गई और यह 77,127.67 के स्तर तक पहुँचा।
बाजार की धीमी रफ्तार का कारण
बाजार में सुस्ती की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो अमेरिकी कमर्शियल कार्गो जहाजों पर संदिग्ध ड्रोन और मिसाइल हमले हुए। अमेरिका ने इसके लिए ईरान समर्थित गुटों को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबी कार्रवाई में ईरान के तीन प्रमुख सैन्य और रडार ठिकानों पर हमला किया है। इस घटनाक्रम के कारण पूरे एशियाई बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है।
क्रूड ऑयल की कीमतों का असर
क्षेत्रीय तनाव के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में ब्रेंट क्रूड ऑयल 72 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है, जो पिछले सप्ताह 71.60 डॉलर के निचले स्तर पर था। कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि की आशंका बढ़ गई है और एविएशन कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव पड़ सकता है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
आज एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट देखी जा रही है:
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दक्षिण कोरिया का कोस्पी शुरुआती कारोबार में 2-3% तक टूट गया, जहाँ टेक और चिपमेकर शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
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जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.6-1% की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है।
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चीन का शंघाई कंपोजिट भी 0.5% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है।
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ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 एकमात्र प्रमुख सूचकांक है जो 0.41% की बढ़त के साथ मजबूती बनाए हुए है।
इसके विपरीत, अमेरिकी बाजार के वायदा संकेत (Futures) सकारात्मक हैं। नैस्डेक 100 फ्यूचर्स 0.6-1%, S&P 500 फ्यूचर्स 0.5% और डाऊ जोन्स 0.3% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले सत्र में अमेरिकी बाजार में AI और चिपमेकर शेयरों पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया था।























