30 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट। हूती विद्रोहियों के इजरायल पर हमले और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल से निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें

बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए 'ब्लैक मंडे' साबित हुई। एशियाई बाजारों में मची खलबली का असर घरेलू बाजार पर साफ देखा गया, जहाँ खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव ने निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 1018 अंक (1.4%) की गिरावट के साथ 72,565 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 भी अछूता नहीं रहा और 270 अंकों (1.2%) की फिसलन के साथ 22,549.65 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। देखते ही देखते सेंसेक्स की गिरावट 1100 अंकों तक पहुँच गई और निफ्टी 22,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया।
बाजार में इस क्रैश की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में युद्ध का विस्तार होना है। हूती विद्रोहियों द्वारा इजरायल पर किए गए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों ने वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा:
जापान का निक्केई (Nikkei): लगभग 5% की भारी गिरावट।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi): 4% तक टूटा।
बाजार खुलने के महज कुछ ही मिनटों में निवेशकों की भारी संपत्ति स्वाहा हो गई। BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) का मार्केट कैपिटलाइजेशन, जो शुक्रवार को 422 लाख करोड़ रुपये था, वह आज सुबह गिरकर 417 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इस तरह निवेशकों को सीधे तौर पर 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर दिखा:
एक्सिस बैंक: 3.63% की गिरावट।
कोटक महिंद्रा बैंक: 3.47% की कमजोरी।
बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस: लगभग 2% की गिरावट।
ट्रेंट (Trent): 2.08% नीचे।
इसके विपरीत, BEL, रिलायंस इंडस्ट्रीज, NTPC और पावर ग्रिड जैसे कुछ गिने-चुने शेयर मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में संघर्ष करते नजर आए।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट डॉ. वीके विजय कुमार के अनुसार, पश्चिम एशिया का संघर्ष अब और गंभीर रूप ले चुका है। हूती विद्रोहियों की सक्रियता और अमेरिका की सैन्य भागीदारी ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जहाँ ब्रेंट क्रूड $116 प्रति बैरल के स्तर को छू चुका है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए चिंता का विषय है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली के कारण देश की शीर्ष 10 में से 5 कंपनियों का मार्केटकैप एक लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया है। जानिए टीसीएस, रिलायंस, एलआईसी और एसबीआई समेत किन कंपनियों को हुआ नफा और नुकसान।
रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित सात भारतीय राज्य 2031 तक 1380 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इन केंद्रों से करीब 12 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है।
भारत में आज शुरुआती कारोबार के चंद मिनटों बाद शेयर बाजार की चाल और बिगड़ गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर खुले।
जुलाई 2026 के ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45% हो गई है। खाद्य पदार्थों, प्याज, लहसुन और अदरक की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों के बाद शेयर बाजार की चाल डगमगा गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के दबाव में सेंसेक्स लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रूख देखने को मिल।
टाटा समूह के शीर्ष स्तर पर नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले पद छोड़ने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से इस संभावना पर चर्चा के बाद इस्तीफा दे दिया है।
बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया की ताजा रिपोर्ट मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेसेज लिस्ट 2026 के अनुसार, मुकेश अंबानी का परिवार भारत का सबसे अमीर कारोबारी परिवार बना हुआ है। संपत्ति में 8.5 फीसदी की गिरावट के बावजूद अंबानी परिवार की कुल संपत्ति 25.8 लाख करोड़ रुपए दर्ज की गई है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स टूट गया, जबकि निफ्टी नीचे फिसल गया है। निवेशकों के बीच मिडिल ईस्ट की स्थिति और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता बरकरार है। वहीं एयरटेल और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सीमित बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार को घरेलू मांग मजबूत रहने, कंपनियों के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिला।
9 अगस्त 2026 को साप्ताहिक अवकाश के कारण सोने और चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जानिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत देश के प्रमुख शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने-चांदी की ताजा कीमतें।