भोपाल पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्बाइड गन के अवैध उपयोग और बिक्री के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। 170 से अधिक बच्चों की आंखों की रोशनी जाने के मामलों के बाद, पुलिस अब ई-कॉमर्स साइट्स पर इसकी ऑनलाइन बिक्री रोकने के लिए कंपनियों को पत्र लिखेगी। अब तक 74 गन और 11.5 किलो विस्फोटक जब्त किया गया है।
दीपावली की खुशियां दु:ख में तब्दील हो गई हैं। मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन मतलब देशी पटाखा गन से आंख चोटिल होने के सैकड़ों पीड़ित सामने आ चुके हैं। इनमें से 20 ऐसे केस हैं जिनमें एक आंख की रोशनी जा चुकी है और कॉर्निया सफेद पड़ चुका है, लेकिन आंख की रोशनी आ पाएगी या नहीं यह कहा नहीं जा सकता है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्कूली छात्राओं को लेकर भोपाल एम्स के डॉक्टरों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, एम्स द्वारा एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जहां भोपाल की कक्षा 8वीं से 12वीं तक की 22 फीसदी छात्राओं में आंखों से जुड़ी विभिन्न बीमारियां होना पाया गया है।
सीधी जिले में वायरल कंजेक्टिवाइटिस का तेजी से फैलाव हो रहा है। बच्चों और खासकर स्कूली विद्यार्थियों में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों ने सावधानी बरतने और तत्काल इलाज की सलाह दी है। संक्रमित बच्चों को स्कूलों से घर भेजा जा रहा है।
















